बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में स्त्री मुक्ति लीग व नौजवान भारत सभा के कार्यकर्ताओं और वामपंथी नेताओं ने धरना दिया। उन्होंने कानून व्यवस्था के नाम पर पुलिस के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष छेड़ने की बात कही।
गांधी पार्क में धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में लंबे समय से छात्राओं का उत्पीड़न होता रहा है। वहां पर वैचारिक अभिव्यक्ति का गला घोंटने का काम हो रहा है। एक विचारधारा विशेष से ताल्लुक रखने वाले कुलपति ने लोकतंत्र को दबाकर रख दिया है।
छात्राओं के हॉस्टल के आसपास गुंडों का राज चल रहा है। वे लोग हमेशा छात्राओं को परेशान करते रहते हैं। इसका विरोध किया जा रहा था तो पुलिस और पीएसी ने बर्बरता दिखाई। छात्राओं को बेरहमी के साथ पीटा गया।
पुलिस ने वहां पर भयानक हिंसा की है। पुलिस प्रशासन खुद कानून तोड़ने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में मानवाधिकार आयोग को हस्तक्षेप करना चाहिए। दोषी पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक व कानूनी कार्रवाई की मांग की।
कवियित्री कात्यायनी, मानू जैन, जगमोहन मेंदीरत्ता, कमलेश खंतवाल, अमित राणा, अरुण पंत, कविता कृष्णपल्लवी, प्रतिभा कटियार, अश्वनी त्यागी, शमीम अहमद, गीतिका, एमएम चमोली, सतीश धौलखंडी, शंकर गौतम, संजीव घिल्डियाल समेत बड़ी ताददा में युवा व बुद्धिजीवी शामिल थे।