चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान आयोजक मुख्यमंत्री हरीश रावत का धन्यवाद करना भूल गए।
इससे व्यथित मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजकों पर इस कदर मानसिक दबाव था कि उन्होंने कार्यक्रम की अध्यक्षता करने वाले का धन्यवाद करना तक मुनासिब नहीं समझा।
शिलान्यास कार्यक्रम के समापन के बाद पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें ऑल वेदर रोड पर आपत्ति थी, जिसे सुधार दिया गया है। उन्होंने कहा कि इसे भाजपाइयों का प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। लेकिन ये भाजपा का प्रोजेक्ट नहीं है।
भाजपा के सांसदों और विधायकों को यह भी मालूम नहीं है कि ये प्रोजेक्ट कैसे बना है। इसमें राज्य के क्या प्रयास रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पौने दो साल पहले ये परियोजना केंद्र के समक्ष रख दी थी। आज ये उन्हीं प्रयासों का नतीजा है। वह प्रधानमंत्री से छह महीने से परियोजना के शिलान्यास की अपील कर रहे थे, लेकिन अब चुनाव का वक्त छांटा गया है।
इसलिए यह डर है कि कहीं बिहार के चुनावी पैकेज की तरह ये परियोजना भी हवा-हवाई न हो जाए। उन्होंने कहा कि चूंकि राज्य का प्रयास प्रोजेक्ट के साथ जुड़ा है, इसलिए वह कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे हैं।
आयोजकों के थैंक्स न कहने के बहाने मुख्यमंत्री केंद्र सरकार पर निशाना साधने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि संघीय व्यवस्था के अंदर आप राज्यों की कितनी कद्र करते हैं, ये व्यवहार उसको दर्शाता है।