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गडकरी की उत्तराखंड को कई एनएच की सौगात

Wed, 28 Dec 2016 10:15 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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नितिन गडकरी - फोटो : amar ujala
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चार धाम ऑल वेदर रोड के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने उत्तराखंड को कई राष्ट्रीय राजमार्गों की सौगात दी।
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लंबे समय से कई मार्गों को एनएच बनाने की मांग थी, जिनपर गडकरी ने मंच से ही मुहर लगा दी। मानसरोवर यात्रा के लिए लिपुलेख तक सड़क परियोजना को अगले दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। गडकरी ने कहा कि अगले तीन वर्षों में पचास हजार करोड़ बजट के मार्ग उत्तराखंड में बनेंगे।

पीएम नरेंद्र मोदी को मंच से आश्वस्त करने हुए गडकरी ने कहा कि उनकी प्रेरणा से परियोजना का खाका खींचा गया है, भले ही मंत्रालय ने टारगेट वर्ष 2020 का रखा है, लेकिन हम इसे 2018 तक पूरा कर देंगे। गडकरी ने मंच से सांसदों के प्रस्ताव राज्य के कई स्टेट हाईवे को एनएच का दर्जा देने की घोषणा भी की।
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केंद्रीय मंत्री ने पुरकाजी लकार हरिद्वार के लिए 46 किलोमीटर लंबे रोड को एनएच घोषित किया। रोशनाबाद से बिहारीगढ़ मार्ग पर 91 करोड़ से 13 पुल बनेंगे। काशीपुर में रेलवे लाइन के ऊपर एक ओवर ब्रिज बनेगा, जिसके लिए 7 करोड़ लागत आएगी। इसके अलावा सांसदों, प्रदेश सरकार और प्रदेश अध्यक्ष की मांग पर कई मार्ग एनएच घोषित किये।

ऊखीमठ, चोपता से चमोली 84 किलोमीटर, दुग्गड़ा से शंकरपुर 80 किलोमीटर, धारचुला, सोमेश्वर और बागेश्वर के लिए 140 किलोमीटर लंबा मार्ग एनएच हुआ। बागेश्वर से सिमली मार्ग, ग्वालदम से मालाचौरी का 193 किलोमीटर लंबा मार्ग, मिलाम से मलारी तक का मार्ग, धरासु से लंबगाव तिलबाड़ा का 260 किलोमीटर लंबा मार्ग, मासी से रानीखेत का 62 किलोमीटर लंबा मार्ग, त्यूनी,  मोरी से पुरोला नौगांव का 83 किलोमीटर लंबा मार्ग, गर्विया से बेतालघाट 45 किलोमीटर लंबा मार्ग एनएच बन गए हैं। कुल 916 किलोमीटर एनएच की लंबाई इससे बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि भारत माला कार्यक्रम के तहत प्रदेश की सीमांत सड़कों का निर्माण कर रहे हैं, जिसका बड़ा फायदा उत्तराखंड को मिलेगा। एनडीए की सरकार केंद्र में बनने तक केवल दो प्रतिशत राष्ट्रीय राजमार्ग थे, जिन्हें अब 10 प्रतिशत किया जा रहा है। 983 किलोमीटर नए एनएचम बनाए जा रहे हैं। अगले तीन साल में प्रदेश के भीतर 50 हजार करोड़ के राजमार्ग बनेंगे। चार धाम रोड को 10 मीटर चौड़ा रखा जाएगा। दिल्ली देहरादून नेशनल हाईवे में बैंक लोन के फंसे पेच पर केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि अब पचास प्रतिशत भुगतान एनएचएआई करेगा, जिससे अगले साल दिसंबर तक रोड पूरा हो जाएगा।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि मानसरोवर तक सड़क मार्ग ले जाने की योजना है, जिसे मिशन मोड में किया जा रहा है। पिथौरागढ़ तक टू लेन रोड बन रहा है। पिथौरागढ़ से तवाघाट तक 107. 6 किलोमीटर और तवाघाट से लिपुलेख तक भी रोड बनेगा। लिपुलेख तक 76 किलोमीटर का फुटट्रेक बनेगा, जिसको चौड़ा किया जाएगा। अस्ट्रेलिया से मशीन रॉक कंटिंग के लिए आ चुकी है। एमआई 17 हेलीकॉप्टर मशीन ले जाने का ट्रायल भी कर चुका है। 245 करोड़ की लागत यहां आनी है। कैलाश मानसरोवर तक 2018 हमारा रोड पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि सीएम ने कालीगंगा इनलैंड ट्रेक की बात की है जिसपर अध्ययन करवाया जाएगा।

दिल्ली रिंग रोड का उत्तराखंड को फायदा
दिल्ली में बन रहे रिंग रोड से उत्तराखंड को होने वाले फायदे के बारे में भी केंद्रीय मंत्री ने बताया। उन्होंने कहा कि रिंग रोड बनने से उत्तराखंड समेत अन्य उत्तर भारतीय राज्यों से आने वाले लोगों को वाहन दिल्ली के भीतर नहीं ले जाने पड़ेंगे। 15 हजार करोड़ की इस परियोजना से दिल्ली समेत सभी को लाभ मिलेगा।
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