कोटद्वार के मानपुर निवासी सुनीता चौधरी ने जमीन की कमी और रसायन खाद वाली मंहगी सब्जियों से निजात पाने का नया तरीका इजात किया है।
वह अपनी छत पर स्लैब के ऊपर क्यारियों का निर्माण कर विगत दो वर्षों से परिवार के लिए जैविक सब्जियां उगा रही है। उनका यह तरीका क्षेत्र वासियों के लिए मिसाल बना हुआ है। अनेक गृहणियां भी अब उनके तरीके को अपना कर अपने परिवार के लिए छत पर जैविक सब्जियां उगा कर बाजारी रशायन खाद वाली सब्जियों को ना कर रही हैं।
गृहणी सुनीता चौधरी ने अमर उजाला को बताया कि उनके पास जमीन में जगह कम थी, चारों तरफ मकान बनने के बाद क्यारी में सब्जियां नहीं हो पा रही थी। इसके अलावा बाजार में सब्जियों की कीमत में आ रही लगातार बढ़ोतरी से वे परेशान थी।
नजीबाबाद से आने वाली रशायन खादों वाली सब्जियों से स्वास्थ्य पर पड़ रहे बुरे असर के कारण उन्होंने छत पर सब्जी उगाने का निर्णय लिया। उन्होंने बताया कि वे विगत दो वर्षों से खुली छत में गोबर खाद से हाईब्रिड टमाटर, मकी, भिंडी, प्याज, लहसुन, हरी सब्जियां आदि उगा रही है। क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी इसके लिए प्रेरित कर रही हैं।