कंपनी पीपीपी मोड पर अस्पतालों का संचालन करती है।
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पीपीपी मोड पर अस्पतालों का संचालन करने वाली राजभ्रा मेडिकेयर के खिलाफ स्वास्थ्य महानिदेशक ने एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक ने बताया कि संबंधित मुख्य चिकित्साधिकारियों को कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कहा गया है। स्वास्थ्य महानिदेशक के अनुसार नौगांव में कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
राजभ्रा मेडिकेयर कंपनी सरकार के साथ पीपीपी मोड पर चार अस्पतालों का संचालन करती है। देहरादून में रायपुर व सहिया, टिहरी में थत्यूड़ और उत्तरकाशी में नौगांव सामुदायिक चिकित्सालयों का संचालन कंपनी को सौंपा गया। लेकिन पिछले दिनों कंपनी की सेवाओं में कमियों के साथ ही कई तरह की गड़बड़ियां भी सामने आने के बाद सरकार ने कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया।
मामला कोर्ट में
सरकार के इस फैसले के खिलाफ राजभ्रा कंपनी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। वहीं, अनुबंध निरस्त होने के बावजूद कंपनी ने अस्पताल और आवासीय भवनों से अपना कब्जा नहीं हटाया। विभाग ने स्पष्ट किया कि अनुबंध निरस्त होने के चलते कंपनी का किसी भी संपत्ति पर कोई हक नहीं बनता।
इसके बावजूद अस्पताल और आवासीय भवनों से कंपनी ने अपने ताले नहीं हटाए। इस पर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून, टिहरी और उत्तरकाशी को कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
इनका है कहना
मुख्य चिकित्साधिकारियों को कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। नौगांव में मुकदमा दर्ज होने की सूचना मिली है। अन्य स्थानों पर भी इसकी प्रक्रिया चल रही है।
-डॉ. कुसुम नरियाल, स्वास्थ्य महानिदेशक राजभ्रा