जिसमें मतदाताओं को जिपं और क्षेपं अध्यक्ष चुनने का अधिकार नहीं है। प्रत्यक्ष रूप से चुने गए जिला पंचायत और क्षेत्र पंचायत सदस्य ही अध्यक्ष को चुनते हैं। प्रदेश में 13 जिला पंचायत और 95 क्षेत्र पंचायतें हैं।
सदन में सर्वसम्मति से पारित संकल्प का प्रस्ताव केंद्र को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार के संविधान में संशोधन करने के बाद प्रदेश में जिला और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होगा। जिसमें मतदाता सीधे अध्यक्ष को चुन सकेंगे।