उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के सदस्य हाजी राव शराफत अली ने कहा कि उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। जिन आरोपों के आधार पर उन्हें हटाया गया था, उनके खिलाफ वे कोर्ट में गए थे। ट्रिब्यूनल ने सरकार के आदेश को खारिज कर दिया था। उसके बाद हाईकोर्ट से भी उनके पक्ष में फैसला आया था। चूंकि मुझ पर कोई आरोप नहीं है, तो मेरी बोर्ड में वापसी हो सकती है। पद खाली न होने के बावजूद सदस्य बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा करने का पूरा अधिकार है।
मैं राजनीतिक व्यक्ति हूं। मेरे पास कई लोग सिफारिश के लिए आते हैं। राव शराफत अली के लिए भी मैंने सिफारिश की होगी, लेकिन उन पर लगे आरोपों को देखने का काम सरकार का है।
-शाहनवाज हुसैन, राष्ट्रीय प्रवक्ता, भाजपा
वक्फ बोर्ड के सदस्य बनाए जाने का मामला राजनीतिक होता है। जहां तक भ्रष्टाचार के मामले में सदस्य को पूर्व हटाए जाने का संबंध है, तो इस बारे में मैं जानकारी लूंगा।
- डॉ. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
वक्फ बोर्ड का सदस्य बनाए जाने का आदेश शासन ने किया है। इसलिए इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता। जहां तक कोटा बदल कर सदस्य नामित करने का सवाल है, इस मामले में वक्फ बोर्ड 1995 पूरी तरह से मौन है।
-मोहम्मद अब्दुल अलीम अंसारी, सीईओ, उत्तराखंड वक्फ बोर्ड