उपनलकर्मियों की हड़ताल ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मरीजों की परेशानी बढ़ा दी है। आलम यह है कि मरीजों के ऑपरेशन भी अटक गए हैं। हड़ताल के चलते मरीजों को न तो मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिल पा रहा है और न ही अस्पताल परिसर की साफ-सफाई हो पा रही है।
शुक्रवार को भी दून मेडिकल कॉलेज टीचिंग अस्पताल के उपनलकर्मी हड़ताल पर रहे। अस्पताल की ओर से रजिस्ट्रेशन की मैनुअल व्यवस्था की गई है, जबकि बिलिंग के लिए वैकल्पिक तौर पर सीधे विभागों में शुल्क लिया जा रहा है। हालांकि, करीब 271 कर्मियों के हड़ताल पर जाने से व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। अस्पताल में करीब सौ उपनलकर्मी सफाई व्यवस्था में तैनात हैं। इनके भी हड़ताल में शामिल होने से सफाई व्यवस्था का हाल बिगड़ने लगा है। स्थायी कर्मियों की संख्या कम होने से वार्डों में सफाई नहीं हो पा रही है।
ओटी में सफाई नहीं होने और सहायक स्टाफ के हड़ताल पर रहने के चलते ऑपरेशन भी प्रभावित हुए हैं। ज्यादातर मरीजों को हड़ताल समाप्त होने के बाद ऑपरेशन के लिए आने को कहा जा रहा है। केवल इमरजेंसी मामले ही देखे जा रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के मरीजों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। योजना के काउंटर पर उपनलकर्मियों की ही ड्यूटी है। कर्मियों के हड़ताल पर रहने से काउंटर पर ताला लगा हुआ है। ऐसे में मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
स्थायी और वैकल्पिक कर्मियों के जरिये जो भी व्यवस्था बन सकती है, वह की जा रही है। कुछ जगहों को छोड़कर व्यवस्था सामान्य है। ओटी समेत वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रमुख मुद्दा है।
-डॉ. केके टम्टा, एमएस