ग्राम प्रधान राजेश कुमार ने भी कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर काफी घंटे गंगा में निखिल को तलाशने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया। लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। थानाध्यक्ष श्यामपुर दीपक कठैत का कहना है कि गोताखोरों की टीम लगाकर निखिल की तलाश की जा रही है।
तीन माह पहले ही कांगड़ी आए थे विजेंद्र
विजेंद्र कश्यप केवल तीन महीने पहले ही पत्नी और तीन बच्चों को लेकर परिवार का पालन पोषण करने के लिए कांगड़ी गांव आए थे। वह यहां अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहकर मजदूरी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे थे।