ऑन लाइन शापिंग पोर्टल फ्लिपकार्ट का तमाशा तो महज एक दिन का था। देहरादून के आईटी से जुड़े ट्रेडर्स पहले ही ऑन लाइन शॉपिंग के बढ़ते क्रेज का दंश झेल रहे हैं।
डायरेक्ट बिक्री में ज्यादा गिरावट
इन उत्पादों की डायरेक्ट बिक्री में 40 फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है। इससे घबराए दून के तकरीबन 250 ट्रेडर्स अब इसके विरोध में उतर आए हैं। संघर्ष के लिए उत्तरांचल आईटी ट्रेड एसोसिएशन के बैनर तले एक प्लेटफॉर्म तैयार कर लिया गया है।
एसोसिएशन की आज इस संबंध में बैठक है, जिसकी जानकारी सभी डीलर्स को एक ई-मेल के जरिए भेज दी गई है। अकेले दून में हर रोज इन उत्पादों का 5 करोड़ से भी अधिक का कारोबार है, लेकिन अब डीलरों की पेशानी पर बल हैं।
उत्तरांचल आईटी ट्रेड एसोसिएशन से जुड़े अजीत नेगी बताते हैं कि लैपटाप, प्रिंटर या अन्य इसी तरह के उत्पाद की खरीद आन लाइन प्राइस से अधिक में होती है, लिहाजा इससे डीलर सीधे नुकसान में हैं।
दून में रोजाना 5 करोड़ से अधिका का कारोबार
अगर वह डिस्ट्रीब्यूटर्स के स्थान पर खुद ऑन लाइन सामान मंगाने लगें और इंस्टालेशन फी पर ही फोकस करें तो शायद ज्यादा अच्छा होगा। वह डिस्ट्रीब्यूटर्स पर भी सामान सस्ता करने का दबाव बनाने की बात कहते हैं।
उनके मुताबिक ट्रेड से जुड़े ढेरों ऐसे लोग हैं, जो भविष्य का संकेत समझ चुके हैं और अब व्यवसाय बदलने की भी तैयारी में हैं। इनमें ऐसे भी हैं, जो सालों से इस ट्रेड में हैं।