पर्यटक व श्रद्धालुओं को मिलेगी प्रशिक्षित गाइड की सुविधा
रुद्रनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को प्रशिक्षित गाइड की सुविधा भी मिलेगी। इसके लिए केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की ओर से पहले चरण में 30 से अधिक युवाओं को नेचर गाइड का प्रशिक्षण दे दिया गया है। इनको स्थानीय वनस्पति, वन्यजीव और खासतौर पर आसपास के पक्षियों के संसार के बारे में जानकारी दी गई है। यात्रा पड़ावों पर इको-फ्रेंडली शौचालय स्थापित किए जाएंगे। यात्रा संचालन के लिए गठित की गई ईडीसी श्रद्धालुओं व पर्यटकों को निश्चित धनराशि में आवास और खानपान की अस्थायी सुविधा उपलब्ध कराएगी।
रुद्रनाथ पैदल यात्रा को रोचक और सुविधा संपन्न बनाने की योजना है। यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा दी जा रही है। यात्रा पर निश्चित संख्या में श्रद्धालुओं व पर्यटकों को भेजा जाएगा। इसके लिए गांवों में गठित ईडीसी को मजबूत बनाया जाएगा। ग्रामीणों को यात्रा से अधिक से अधिक लाभ दिलाया जाएगा। ईडीसी की ओर से गांव में होम स्टे का निर्माण करवाया जाएगा। -तरुण एस, डीएफओ, चमोली
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रुद्रनाथ में शिव के मुख की हाेती है पूजा
रुद्रनाथ पंचकेदार शृंखला के सबसे सुंदर स्थानों में एक है। केदारनाथ कस्तूरी मृग अभयारण्य के अंतर्गत स्थित रुद्रनाथ मंदिर में हर साल देश के अलग-अलग कोने से रुद्रनाथ के दर्शनों को बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। यहां गुफा में बने मंदिर में भगवान शिव के मुख की पूजा होती है। नेपाल में पशुपतिनाथ की तरह यहां भगवान शिव के रुद्र रूप में मुख की पूजा होती है।