डिलीवरी बॉय की सूची मांगी गई
डिलीवरी बॉय गाड़ी चलाने के दौरान मोबाइल पर बात न करें। आवश्यक होने पर ब्लूटूथ या इयरफोन से बात करें। डिलीवरी बॉय के पास गाड़ी के सभी वैध प्रपत्र व लाइसेंस हों। कंपनी की ओर से बताया गया कि डिलीवरी बॉय की सुरक्षा के लिए कंपनी सभी आवश्यक कदम उठा रही है। कंपनी प्रतिनिधियों से डिलीवरी बॉय की सूची मांगी गई है।
केस एक- देहरादून में ऑनलाइन फूड सप्लाई कंपनी में बतौर डिलीवरी बॉय काम करने वाला युवक तुषार मलिक छह अक्तूबर की रात सुभारती अस्पताल झाझरा धर्मकांटे के पास हादसे का शिकार हो गया। बाइक सवार तुषार मलिक कुरावा थाना फुगाना जिला मुजफ्फरनगर का रहने वाला था। वह अज्ञात वाहन की चपेट में आ गया।
केस दो- नोएडा के सेक्टर-14-ए में कार ने डिलीवरी बॉय कौशल को टक्कर मार दी थी। कार उसे घसीटती हुई ले गई। ड्राइवर ने आगे जाकर कार रोकी। इटावा का रहने वाला कौशल नोएडा-दिल्ली के बीच फूड डिलीवरी का काम करता था।
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केस तीन- दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में फरीदाबाद हाईवे पर फूड डिलीवरी बॉय हादसे का शिकार हो गया था। हादसे में डिलीवरी बॉय की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने उसके सिर को कुचल दिया। युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। हादसे का शिकार नरेंद्र उप्र के औरैया का रहने वाला था।