अगर आपके पास आधार कार्ड है तो डायरेक्ट बेनिफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) योजना के फॉर्म भरने के लिए गैस एजेंसी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने की व्यवस्था की है।
गैस सिलेंडर की पूरी कीमत चुकानी होगी
फॉर्म पर भरा जाने वाला 17 अंकों का नंबर भी वेबसाइट पर ही मिलेगा। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद उपभोक्ता इसे अपनी गैस एजेंसी और बैंक से लिंक कर सकेंगे। एक जनवरी से प्रदेश में डीबीटीएल योजना शुरू होने जा रही है। इसके तहत अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की पूरी कीमत चुकानी होगी।
मार्च में वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद सरकार द्वारा तय सब्सिडी की रकम उपभोक्ता के खाते में लौटा दी जाएगी। योजना से जुड़ने के लिए इन दिनों लोग गैस एजेंसियों पर उमड़ रहे हैं।
लेकिन आधार कार्ड वाले उपभोक्ताओं को दो फॉर्म भरने पड़ रहे हैं। इनमें से एक बैंक और दूसरा एजेंसी में जमा करना है। लेकिन इसमें उपभोक्ताओं को दोहरी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। ऐसे में ऑनलाइन सुविधा उपभोक्ताओं के लिए मददगार होगी।
...लेकिन बैंक से लिंक जरूरी
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के उप प्रबंधक धीरेंद्र कुमार ने बताया कि ऑनलाइन योजना सिर्फ आधार कार्ड वालों के लिए है, लेकिन इसमें भी उन ही उपभोक्ताओं को लाभ होगा जिन्होंने अपना आधार नंबर बैंक खाते से पहले से जोड़ा हुआ है। जिन लोगों के आधार बैंक खाते से नहीं जुड़े हैं, उन्हें बैंक जाकर फॉर्म जमा करना ही होगा।
ऐसे मिलेगा 17 डिजिट नंबर
उपभोक्ता वेबसाइट पर दिए एक लिंक पर अपनी गैस एजेंसी का नाम भरेंगे। इसके बाद अपना नाम, कंज्यूमर नंबर, फोन नंबर आदि भरते ही 17 अंकों का यूनिक आईडी नंबर मिल जाएगा।
ऐसे भरें फॉर्म
- www.mylpg.in वेबसाइट खोलें
- होम पेज पर आईओसी, बीपीसी, एचपीसी तीनों कंपनियों के लोगो होंगे
- उपभोक्ता जिस कंपनी के ग्राहक हैं उस लोगो पर क्लिक करें खोलें
- हर तेल कंपनी के पेज पर अंदर अलग-अलग लिंक हैं
- हर लिंक में अपनी जानकारी दर्ज करें (आधार कार्ड नंबर, बैंक खाता नंबर, कंज्यूमर नंबर आदि)
- सारी जानकारी दर्ज होते ही उपभोक्ता का नाम डीबीटीएल से जुड़ जाएगा
योजना से उपभोक्ताओं को खासा लाभ होगा। आधार कार्ड में उपभोक्ताओं की सभी जानकारियां दर्ज रहती हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरकर एजेंसी से लिंक करने के बाद उपभोक्ता की सारी जानकारी कंपनियों को भी एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगी।
- धीरेंद्र कुमार, उपप्रबंधक, आईओसी