कॉलेज के निलंबित प्रधानाचार्य तरसेम सिंह ने विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष की ओर से निलंबन रद्द करने के बाद सोमवार को चार्ज संभालते ही प्रधानाचार्य कक्ष पर लगे ताले को तोड़ दिया। इधर, प्रभारी प्रधानाचार्य संपूर्ण सिंह ने प्रबंध समिति के अध्यक्ष, निलंबित प्रधानाचार्य और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक सदस्य के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक निर्मल सिंह ने शिक्षा विभाग के अनुमोदन पर 21 दिसंबर को प्रधानाचार्य तरसेम सिंह को निलंबित किया था। प्रबंधक के आदेश पर प्रभारी प्रधानाचार्य संपूर्ण सिंह ने प्रधानाचार्य कक्ष में लगे ताले पर अपना ताला जड़ा था। सोमवार को चिकित्सा अवकाश से लौटे निलंबित प्रधानाचार्य तरसेम सिंह ने कक्ष में लगे ताले को तोड़कर अपना ताला लगा दिया। इधर, मामले में तहरीर मिलने के बाद एसआई भगवान गिरी गोस्वामी ने जांच शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था।
निलंबित प्रधानाचार्य पर लगे हैं कई गंभीर आरोप
गुरुनानक इंटर कॉलेज के निलंबित प्रधानाचार्य पर विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक ने वर्ष 2015 में विद्यालय में रिक्त स्थानों पर भर्ती के आवेदकों से नियुक्ति के नाम पर भारी सुविधा शुल्क लेने सहित 18 गंभीर आरोप लगे हैं।
प्रबंधक निर्मल सिंह की ओर से निलंबित प्रधानाचार्य तरसेम सिंह को जारी आरोप पत्र में विद्यालय के वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त प्रवक्ता अमरजीत सिंह की पदोन्नति प्रक्रिया एवं पेंशन बाधित करने, मामले में प्रबंध समिति एवं न्यायालय के आदेशों को भी न मानने, पूर्व प्रधानाचार्य बलदेव सिंह हरियान के पेंशन प्रकरण को रोकने एवं उनकी पत्रावली गायब करने एवं उनके विरुद्ध थाने में झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने, विद्यालय में लगे फलदार एवं छायादार औषधीय पौधों को बिना प्रबंध समिति की आज्ञा के कटवाने व विद्यालय के पदाधिकारियों के खिलाफ झूठी प्रथम सूचना रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाने अपनी नियुक्ति के समय अपने प्रतिकूल प्रविष्टियों को छुपाकर अपर शिक्षा निदेशक से अनुमोदन प्राप्त करने, वर्ष 2013-14 में विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर शुल्क लेने तथा कंप्यूटर शिक्षा न देने, प्रबंधक के आदेशों निर्देशों को न मानने तथा भेजे गए नोटिस पर अपना स्पष्टीकरण प्रबंधक को न प्रस्तुत करने, वर्तमान में विद्यालय में नियुक्ति के लिए आय आवेदकों के आवेदनों को अपने पास अनधिकृत रूप से रखने तथा बिना प्रबंधक की जानकारी के उनको खोलने सहित विभिन्न गंभीर आरोप लगाए गए हैं।