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अजीब हाल : स्कूल एक और प्रधानाचार्य चार-चार, आपसी खींचतान की भेंट चढ़ा स्कूल

Tue, 24 Dec 2019 11:24 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नानकमत्ता

सार

  • गुरुनानक इंटर कॉलेज प्रबंध समिति की आपसी खींचतान की भेंट चढ़ा 
  • सोमवार को छात्र-छात्राएं, शिक्षक और स्टाफ में रही पसोपेश की स्थिति 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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क्षेत्र का गुरुनानक इंटर कॉलेज वहां की प्रबंध समिति के सदस्यों की आपसी खींचतान की भेंट चढ़ गया है। स्कूल में सोमवार को एक नहीं, दो नहीं चार-चार प्रधानाचार्य कार्यरत रहे। इससे स्कूल के छात्र-छात्राएं और शिक्षक पसोपेश की स्थिति में रहे। सारे मामले के पीछे स्कूल के रिक्त पदों पर नियुक्ति करना विवाद का कारण माना जा रहा है। 

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बता दें कि गुरुद्वारा श्री नानकमत्ता साहिब की प्रबंधक कमेटी क्षेत्र में अल्पसंख्यक बच्चों को शिक्षा देने के लिए गुरुनानक इंटर कॉलेज और गुरुनानक बालिका इंटर कॉलेज संचालित करती है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव के बाद विद्यालय प्रबंधन के लिए बनाई गई समिति के सदस्यों की आपसी खींचतान से इंटर कॉलेज राजनीति की भेंट चढ़ गया है।  समिति के प्रबंधक की ओर से शिक्षा विभाग के अनुमोदन पर प्रधानाचार्य तरसेम सिंह को निलंबित कर संपूर्ण सिंह को प्रभारी प्रधानाचार्य का पद सौंपा गया था। 

सोमवार को निलंबित प्रधानाचार्य तरसेम सिंह ने विद्यालय पहुंचकर चार्ज संभाला और बाहर चले गए। उन्होंने बाहर जाने पर विद्यालय के वरिष्ठ प्रवक्ता नेमचंद मौर्य को प्रभार सौंपा था। वहीं, प्रभारी प्रधानाचार्य संपूर्ण सिंह भी निजी काम से बाहर गए तो उन्होंने भी विद्यालय के प्रवक्ता बख्तावर सिंह को चार्ज दे दिया। ऐसे में विद्यालय के छात्र-छात्राएं, शिक्षकों के साथ ही चतुर्थ श्रेणी स्टाफ भी पसोपेश की स्थिति में रहा। सभी इस दुविधा में थे कि वह किस प्रधानाचार्य की आज्ञा माने। 
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समिति अध्यक्ष ने प्रधानाचार्य के निलंबन को बताया अवैध

गुरुनानक इंटर कॉलेज प्रबंध समिति अध्यक्ष कुलदीप सिंह पन्नू ने प्रधानाचार्य तरसेम सिंह के निलंबन को अवैध बताया। उन्होंने अपर जिला निदेशक को पत्र भेजकर निलंबन रद्द करने की संस्तुति की है। पत्र में समिति के अध्यक्ष पन्नू ने कहा कि समिति के प्रबंधक की ओर से 13 नवंबर को प्रधानाचार्य को कारण बताओ नोटिस भेजा गया। प्रधानाचार्य ने अगले दिन 14 नवंबर को सभी साक्ष्यों के साथ उनको जवाब दिया।

इससे कारण बताओ नोटिस प्रबंध समिति ने निरस्त कर दिया था। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान सेवा सिंह ने भी उसका अवलोकन किया था। आरोप लगाया कि प्रबंधक ने नोटिस को आधार बनाकर प्रशासन को गुमराह कर प्रधानाचार्य का निलंबित किया, जो कि अवैध है।

रविवार को उनकी अध्यक्षता में  विद्यालय प्रबंध समिति की बैठक में निलंबन को अवैध बताते हुए सर्वसम्मति से निरस्त भी कर दिया गया। उन्होंने अपर शिक्षा निदेशक से निलंबन के अनुमोदन को निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष, निदेशक माध्यमिक शिक्षा देहरादून और मुख्य शिक्षाधिकारी को भी पत्र की प्रतिलिपि भेजी है।

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प्रबंधक के लगे ताले को निलंबित प्रधानाचार्य ने तोड़ा

कॉलेज के निलंबित प्रधानाचार्य तरसेम सिंह ने विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष की ओर से निलंबन रद्द करने के बाद सोमवार को चार्ज संभालते ही प्रधानाचार्य कक्ष पर लगे ताले को तोड़ दिया। इधर, प्रभारी प्रधानाचार्य संपूर्ण सिंह ने प्रबंध समिति के अध्यक्ष, निलंबित प्रधानाचार्य और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के एक सदस्य के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।

विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक निर्मल सिंह ने शिक्षा विभाग के अनुमोदन पर 21 दिसंबर को प्रधानाचार्य तरसेम सिंह को निलंबित किया था। प्रबंधक के आदेश पर प्रभारी प्रधानाचार्य संपूर्ण सिंह ने प्रधानाचार्य कक्ष में लगे ताले पर अपना ताला जड़ा था। सोमवार को चिकित्सा अवकाश से लौटे निलंबित प्रधानाचार्य तरसेम सिंह ने कक्ष में लगे ताले को तोड़कर अपना ताला लगा दिया। इधर, मामले में तहरीर मिलने के बाद एसआई भगवान गिरी गोस्वामी ने जांच शुरू कर दी है। समाचार लिखे जाने तक केस दर्ज नहीं हुआ था।

निलंबित प्रधानाचार्य पर लगे हैं कई गंभीर आरोप 

गुरुनानक इंटर कॉलेज के निलंबित प्रधानाचार्य पर विद्यालय प्रबंध समिति के प्रबंधक ने वर्ष 2015 में विद्यालय में रिक्त स्थानों पर भर्ती के आवेदकों से नियुक्ति के नाम पर भारी सुविधा शुल्क लेने सहित 18 गंभीर आरोप लगे हैं।

प्रबंधक निर्मल सिंह की ओर से निलंबित प्रधानाचार्य तरसेम सिंह को जारी आरोप पत्र में विद्यालय के वर्ष 2014 में सेवानिवृत्त प्रवक्ता अमरजीत सिंह की पदोन्नति प्रक्रिया एवं पेंशन बाधित करने, मामले में प्रबंध समिति एवं न्यायालय के आदेशों को भी न मानने, पूर्व प्रधानाचार्य बलदेव सिंह हरियान के पेंशन प्रकरण को रोकने एवं उनकी पत्रावली गायब करने एवं उनके विरुद्ध थाने में झूठी प्राथमिकी दर्ज कराने, विद्यालय में लगे फलदार एवं छायादार औषधीय पौधों को बिना प्रबंध समिति की आज्ञा के कटवाने व विद्यालय के पदाधिकारियों के खिलाफ झूठी प्रथम सूचना रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाने अपनी नियुक्ति के समय अपने प्रतिकूल प्रविष्टियों को छुपाकर अपर शिक्षा निदेशक से अनुमोदन प्राप्त करने, वर्ष 2013-14 में विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर शुल्क लेने तथा कंप्यूटर शिक्षा न देने, प्रबंधक के आदेशों निर्देशों को न मानने तथा भेजे गए नोटिस पर अपना स्पष्टीकरण प्रबंधक को न प्रस्तुत करने, वर्तमान में विद्यालय में नियुक्ति के लिए आय आवेदकों के आवेदनों को अपने पास अनधिकृत रूप से रखने तथा बिना प्रबंधक की जानकारी के उनको खोलने सहित विभिन्न गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
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