कोरोना के कहर का न्यायिक प्रक्रिया पर भी बुरा असर पड़ रहा है। जिले की अदालतों में लगभग एक लाख मुकदमे लंबित हैं। इनमें अब सिर्फ तारीख पर तारीख ही मिल पा रही है। मुकदमों की सुनवाई टलने के कारण कई तरह के तय समयसीमा वाले मुकदमों में इसका लाभ सीधे तौर पर आरोपी को मिलने की पूरी आशंका बनी रहती है।
दरअसल, संक्रमण से बचाव के लिए बीते एक माह से भी ज्यादा समय से अदालतों में लगभग 95 फीसदी कामकाज बंद है। वर्तमान में केवल जमानत और ज्यूडिशियल कस्टडी रिमांड (न्यायिक अभिरक्षा) के प्रार्थनापत्रों पर ऑनलाइन सुनवाई हो पा रही है। इनमें भी रोस्टरवार न्यायिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ताकि, रिमांड और जमानत के प्रार्थनापत्र कम से कम लंबित हों।
अदालत परिसर में सन्नाटे से वादकारियों के अलावा बहुत से अन्य लोग भी अप्रत्यक्ष रूप से परेशान हुए हैं। मसलन, वकीलों की आर्थिकी पर इसका असर पड़ा है। कोरोना की दूसरी लहर में 19 तो वकीलों की मृत्यु हो चुकी है। स्टांप वेंडर से लेकर परिसर के बाहर हर छोटा मोटा काम करने वाला शख्स भी परेशान हैं। हालांकि, अधिवक्ताओं ने फिलहाल की इस स्थिति को सभी के हित में बताया है।
दुष्कर्म व पोक्सो के मामलों आरोपियों को मिल सकता है लाभ
पॉक्सो और दुष्कर्म के मामलों में तो जल्द से जल्द एक माह के अंदर पीड़िता के बयान दर्ज कराने का प्रावधान है। ताकि गवाह को किसी भी दशा में प्रभावित ना किया जा सके। पोक्सो के मामलों के विशेषज्ञ अधिवक्ता सौरभ दुसेजा ने बताया कि अब कोरोना काल में वादकारी को उसके पूरे विधिक अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधे तौर पर लाभ अभियुक्तों को मिल सकता है, जिससे वे दोषमुक्त भी हो सकते हैं।
न्यायालयों में आ रहे आरोपपत्र, ट्रायल लटके
अधिवक्ताओं के अनुसार जिन मामलों मे कोरोना से पहले गिरफ्तारी हुई थी, उनके विचारण(ट्रायल) लंबित होते जा रहे हैं। इनमें आरोप पत्र न्यायलय में आ रहे हैं। लेकिन, ट्रायल शुरू नहीं हो पा रहे हैं। यही नहीं यदि पुलिस कोरोना महामारी की रोकथाम की व्यवस्था में व्यस्त ज्यादा हो जाए और न्यायालय में आरोपत्र ही न आए तो इसका लाभ भी आरोपी को ही मिल सकता है।
यह है मुकदमों की स्थिति (लगभग)
सिविल - 13000
क्रिमिनल- 85000
पोक्सो -250
फास्ट ट्रैक कोर्ट (दुष्कर्म)-150
एनडीपीएस-2000
47 कोर्ट हैं देहरादून में
देहरादून जनपद में छोटे-ब ड़े कुल 47 कोर्ट हैं। ये देहरादून, ऋषिकेश, डोईवाला, विकासनगर में संचालित किए जाते हैं।