अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि प्रदेश के सभी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में सुबह अनिवार्य रूप से एक घंटे योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा कार्यक्रम संचालित किया जाएगा।
प्रथम चरण में सभी जिला आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में इसकी शुरुआत की जाएगी। सीएम ने यह भी ऐलान किया कि प्रदेश के चयनित माध्यमिक शिक्षा संस्थानों में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा को ऐच्छिक विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। सभी कार्यरत शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों को योग में प्रशिक्षित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायत क्षेत्र में एक पार्क चिह्नित कर उसे योग एवं प्राकृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षिक योग अनुदेशकों को अंशकालिक रूप से संबंधित निकाय की ओर से तैनात किया जाएगा।
यह सुविधा बाद में सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालित की जाएगी। निकायों को यह भी स्वतंत्रता होगी कि वह किसी एनजीओ की सहायता ले सकें।
सीएम ने यह भी किया ऐलान
- उत्तराखंड आयुर्वेद विवि में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संकाय की स्थापना की जाएगी, जिसका एक केंद्र कुमाऊं मंडल में भी खोला जाएगा।
- प्रदेश में चमोली के गैरसैंण में जनवरी, देहरादून के हनोल में फरवरी, चकराता के देवन में मार्च, उत्तरकाशी के सरनौल में अप्रैल, उत्तरकाशी के हर्षिल में मई, पिथौरागढ़ के मुनस्यारी में जून, चौकोड़ी गांव में जुलाई में, चंपावत के मायावती में अगस्त में, अल्मोड़ा के जागेश्वर में सितंबर में, चमोली के ग्वालदम में अक्तूबर में, पौड़ी के खिर्सू में नवंबर में और टिहरी के मदननेगी गांव में दिसंबर में पर्यटन विभाग की ओर से योग माह का आयोजन किया जाएगा। इन जगहों पर आयोजन के लिए ऋषिकेश एवं टनकपुर में बेस कैंप स्थापित किए जाएंगे।
- हरिद्वार में वीआईपी घाट पर नियमित रूप से हर दिन सुबह योग शिविर का संचालन हरिद्वार विकास प्राधिकरण एवं उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की ओर से कराया जाएगा।
- हरिद्वार में अर्द्धकुंभ मेले के दौरान पर्यटन विभाग की ओर से योग कुंभ शुरू किया जाएगा, जो कि ऋषिकेश से होकर जागेश्वर तक भी जाएगा।
- आयुर्वेद विवि और दून विवि में विदेशी भाषाओं के ऐसे कोर्स शुरू किए जाएंगे, जिससे यहां के योग प्रशिक्षित युवाओं के लिए दुनियाभर में योग सिखाने का स्कोप पैदा हो।
- वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार पर्यटन योजना के तहत आयुर्वेद उपचार सह योग ध्यान केंद्र की स्थापना के लिए अतिरिक्त अनुदान की व्यवस्था की जाएगी। इससे इस दिशा में स्वरोजगार हासिल कर प्रशिक्षित योग अनुदेशक स्वावलंबी बन सकेंगे।
- पर्यटन विभाग की ओर से थ्री स्टार या इससे ऊपर के होटलों में योग विंग की स्थापना की अनुमति दी जाएगी, बशर्ते वह प्रदेश के युवाओं को यहां रोजगार दें।
- योग को गांवों में रहने वाली दाईयों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि हर आदमी इसके इसका लाभ ले सके।