शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, कई परिवार ऐसे भी हैं, जिनके दो से चार सदस्यों तक ने किट्टी में पैसा लगाया हुआ है। हंगामा कर रहे लोगों ने बताया कि कई महिलाओं की किट्टी की रकम पूरी हुए पांच साल से अधिक हो गए हैं, लेकिन उन्हें रकम नहीं लौटाई जा रही है।
यही नहीं, रकम मांगने पर किट्टी संचालिका देख लेने की धमकी भी देती थी। प्रदर्शनकारियों में शामिल इंटक के प्रदेश अध्यक्ष टिंकल अरोड़ा ने आरोप लगाया कि लोगों ने अलग-अलग कई बार पुलिस थाने के चक्कर भी काटे, लेकिन आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इसलिए अब लोगों को हंगामा करने को मजबूर होना पड़ रहा है। हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने किट्टी संचालिका और उसके पति को हिरासत में लिया। किट्टी संचालिका ने बताया कि उसे पैसे का नुकसान हुआ है। वह अपना मकान बेचकर लोगों का जो पैसा लिया गया है, उसे लौटा देगी। प्रदर्शनकारियों ने भी रात को कोई मुकदमा दर्ज नहीं कराया और घर लौट गए।
प्रदर्शनकारियों और ठगी का शिकार होने वालोें में चंद्रकला, प्रीती, शीला, रंजना, राम अवतार सिंह, सुखवीर, रंजना, डिंपल आदि शामिल रहे। में इंस्पेक्टर पटेलनगर सूर्यभूषण नेगी ने बताया कि मामले में दोनों पक्षों में समझौते प्रयास चल रहे हैं। किट्टी संचालिका रुपए लौटाने को तैयार है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।