हज के पाक सफर पर जाने की ख्वाहिश रखने वाले सोमवार से आनलाइन और ऑफ लाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदक एक ही प्रदेश की हज कमेटी से आवेदन करें।
दो प्रदेशों से आवेदन करने वालों के फार्म निरस्त माने जाएंगे। आल इंडिया हज कमेटी ने इस संबंध में सभी प्रदेशों की हज कमेटियों को गाइड लाइन जारी की है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 24 जनवरी है। जबकि मार्च के पहले सप्ताह में कुर्रा (लाटरी) डाला जाएगा।
उत्तराखंड हज कमेटी के अध्यक्ष हाजी राव शेर मोहम्मद ने बताया लॉटरी में चयनित होने के लिए कई आवेदक एक से ज्यादा राज्यों की हज कमेटी से आवेदन कर देते है। ऐसे आवेदकों के फॉर्म निरस्त कर उन्हें कुर्रा में शामिल नहीं होने दिया जाएगा। आल इंडिया हज कमेटी ने इस संबंध में दिशा निर्देश जारी किये हैं।
उन्होंने बताया कि आवेदन फार्म हज हाउस पिरान कलियर, देहरादून, ऊधमसिंह नगर, खटीमा, नैनीताल, काशीपुर, हल्द्वानी और प्रदेश के विभिन्न जिलों के मान्यता प्राप्त मदरसों, समाज कल्याण अधिकारी के कार्यालयों, निदेशालय अल्पसंख्यक कल्याण से ले सकते हैं। बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि 24 जनवरी तय की गई है।
एक मार्च से आठ मार्च के बीच कुर्रा अंदाजी होगी और 22 मार्च तक एडवांस फीस जमा की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि आल इंडिया हज कमेटी से इस बार उत्तराखंड का कोटा बढ़ाने की भी अपील की गई है।
मददगार के खून के रिश्ते की होगी जांच
70 साल से अधिक उम्र के हाजियों के साथ जाने वाले मददगार का उनसे खून का रिश्ता है या नहीं, इसकी हज कमेटी गहनता से जांच करेगी। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि पूर्व में हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के दो बुजुर्ग हाजियों के मददगारों ने उनको बीच में छोड़ दिया था। हज कमेटी के अध्यक्ष हाजी राव शेर मोहम्मद ने बताया कि मददगार के रूप में खून के रिश्ते वाला व्यक्ति ही हज पर जा सकता है। मददगार और उनके पिता का पहचान पत्र लेकर जांच होगी जिससे हज पर जाने के बाद बुजुर्ग हज यात्रियों को कोई दिक्कत न हो।
आनलाइन यहां करें आवेदन
www.hajj.gov.in
24 जनवरी तक जारी पासपोर्ट मान्य
हज यात्रा का आवेदन करने के लिए 24 जनवरी 2017 तक जारी पासपोर्ट ही मान्य होगा। इसके अलावा पासपोर्ट की वैधता 28 फरवरी 2018 तक होनी जरूरी है। पासपोर्ट का डिजीटल होना भी जरूरी है। हस्तलिखित पासपोर्ट स्वीकार्य नहीं होंगे।