दून में आयोजित जश्न-ए-अदब कल्चरल कारवां विरासत में दूसरे दिन राजधानी में शब्दों और भावों की बयार बही। इसके साथ ही गायकों ने सभी को संगीत के रस में सरोबार कर दिया।
हरिद्वार-बाईपास रोड स्थित संस्कृति सभागार में आयोजित जश्न-ए-अदब कल्चरल कारवां विरासत में दूसरे दिन की शुरुआत रिचा जैन एंड ग्रुप के कथक नृत्य से हुई। इसमें उन्होंने नृत्य कर समा बांध दिया। भोपाल से आए सूफी गायक राजीव सिंह और उनके साथियों ने अपनी गायकी से सभी को भावुक कर दिया।
ओटीटी पर आयोजित सत्र ‘ओटीटी विभिन्न रंग’ में अभिनेता फैसल मलिक से अनस फैजी ने बातचीत की। उन्होंने दर्शकों को ओटीटी से संबंधित चुनौतियों और इसके विभिन्न आयामों के विषय में जानकारी दी। इस मौके पर जश्न-ए-अदब के संस्थापक शायर रंजीत चौहान आदि मौजूद रहे।
Iपद्मभूषण साजन मिश्रा ने बिखेरे संगीत के रसI
पद्मभूषण पंडित साजन मिश्रा व उनके बेटे पंडित स्वरांश मिश्रा ने कार्यक्रम को संगीत के रस से सरोबार कर दिया। उन्होंने अपने प्रस्तुति की शुरुआत राग मेघ से की। इसके बाद उन्होंने राग, खयाल, ठुमरी की भावपूर्ण प्रस्तुति के साथ ही प्रभु श्रीराम के भजन सुनाकर सभी को भक्ति के सुर में बांध दिया।
Iपद्मश्री सुरेंद्र शर्मा की कविताओं पर लगे खूब ठहाकेI
प्रसिद्ध कवियों एवं शायरों ने अपनी रचनाओं से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मेलन में देश के प्रख्यात हास्य कवि पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा ने अपनी कविताएं सुनाई। उनकी कविताओं पर लोगों ने खूब ठहाके लगाए। उसके बाद शायर शारिक़ कैफी, जावेद मुशीरी, डॉ. सुनील पंवार, आलोक अविरल, दान बहादुर सिंह, रंजन निगम और गीतकार रामायण धर द्विवेदी ने काव्यपाठ किया।