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Uttarakhand: हर महीने तेंदुए के हमले की औसतन आठ घटनाएं हो रहीं, अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ी चिंता

Sun, 07 Dec 2025 05:00 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

25 वर्षों में प्रदेश में 2683 तेंदुए के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। इस तरह औसत हर महीने आठ से अधिक तेंदुए के हमले की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में 2126 लोग घायल हुए हैं, जबकि 547 लोगों की मृत्यु हुई।

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leopard - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्य में हर महीने तेंदुए के औसतन करीब आठ हमले हो रहे हैं। इन हमलों में कई लोगों की जान गई है और घायल हुए हैं। इन दिनों वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में भालू, तेंदुए के हमले लगातार हो रहे हैं। हाल में ही पौड़ी जिले में गजल्ड गांव में तेंदुए के हमले में एक ग्रामीण की मौत हो गई थी।

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राज्य में तेंदुओं के हमले की 60 से अधिक घटनाएं होती हैं। 25 वर्षों में प्रदेश में 2683 तेंदुए के हमले की घटनाएं हो चुकी हैं। इस तरह औसत हर महीने आठ से अधिक तेंदुए के हमले की घटनाएं हुई हैं। इन घटनाओं में 2126 लोग घायल हुए हैं, जबकि 547 लोगों की मृत्यु हुई।

इस संबंध में प्रमुख वन संरक्षक रंजन मिश्रा का कहना है कि मानव- वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं की दृष्टि से अधिक संवेदनशील जगह हैं, वहां पर विशेष ध्यान दिया जाता है, उसकी संवेदनशीलता के हिसाब से योजना बनाकर मानव- वन्यजीव संघर्ष को कम करने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

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इस साल 438 हमले की हो चुकीं घटनाएं

इस साल वन्यजीवों के हमले की 438 घटनाएं हुई हैं। वन्यजीवों के हमलों में 44 लोगों की मौत हुई है, जबकि 394 लोग घायल हो चुके हैं। इनमे तेंदुएं, बाघ, सांप, हाथी के हमले की घटनाएं अधिक हैं।

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