जंगलों को राख करने के साथ ही अब वनाग्नि मनुष्य की जान पर भी भारी पड़ रही है। पौड़ी जिले की धूमाकोट तहसील के अंतर्गत जंगल की आग बुझाते हुए बुरी तरह झुलस जाने से एक वृद्ध की मौत हो गई। पहाड़ के अन्य हिस्सों में तीन अन्य घटनाओं में तीन महिलाओं सहित चार लोग बुरी झुलस गए। इनमें एक 28 वर्षीया विवाहिता की हालत नाजुक बनी हुई है।
पौड़ी जिले की धुमाकोट तहसील के अंतर्गत सल्ड महादेव के निकट बुडाखोली गांव के 70 वर्षीय गजेसिंह की मंगलवार की शाम वनाग्नि की चपेट में आने से मौत हो गई। गजेसिंह अपने घर से महज 500 मीटर दूर जंगल में लगी आग बुझाने गए थे, तभी आग बुझाने की कोशिश में वह बुरी तरह से झुलस गए। उन्हें 108 सेवा से रामनगर ले जाया गया।
डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर दिल्ली रेफर कर दिया, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
पौड़ी जिले के ही कोट ब्लाक के सोडू गांव में जंगल की आग को बुझाते समय दो महिलाएं झुलस गई। गांव निवासी मुकंदी लाल ने बताया कि बुधवार को करीब तीन बजे गांव से नीचे जंगल में भड़की आग गांव में घरों के पास पहुंच गई। सभी लोग आग बुझाने में जुट गए।
इसी दौरान गांव निवासी 64 वर्षीय लक्ष्मी देवी पत्नी ऋषि नारायण और 28 वर्षीय उर्मिला देवी पत्नी दिगंबर आग बुझाते हुए आग की चपेट में आने से झुलस गई। जिला अस्पताल के प्रभारी प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डा. यूएस कंडवाल ने बताया कि उर्मिला देवी नब्बे से सौ फीसदी झुलसी हुई है। हालत गंभीर होने के कारण उसे श्रीनगर मेडिकल कालेज रेफर किया गया है। लक्ष्मी देवी तीस फीसदी झुलसी है। उसे अस्पताल के बर्न वार्ड में भर्ती किया गया है।