सैनिक कल्याण को लेकर उत्तराखंड सरकार ने विजय दिवस पर जो घोषणाएं की हैं उसमें से अधिकांश पुरानी ही हैं।
कई बार घोषित होने के बाद मंजूरी के लिए लंबित
सैनिक कल्याण मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रुद्रप्रयाग में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र सैनिक स्कूल का शिलान्यास 11 सितंबर को चुका है। सरकार एक तरफ नए भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र खोलने की बात कर रही है जबकि देहरादून में संचालित केंद्र कांग्रेस सरकार के आने के बाद से बंद हो गया है।
पढ़ें, मुख्यमंत्री पद के दावेदार दिल्ली में और अफवाहें दून में
शहीद सैनिकों की विधवाओं के पुनर्विवाह और पूर्व सैनिकों की बेटियों के विवाह के लिए राशि बढ़ाने का मामला दो माह पुराना है। इसके अलावा पूर्व सैनिकों के लिए परिवहन बसों में निशुल्क यात्रा, बच्चों के लिए छात्रावास जैसे कई घोषणाएं हैं जो कई बार घोषित होने के बाद मंजूरी के लिए लंबित है।
पढ़ें, 2.5 मार्क्स लाने पर भी मिलेगा IIT में मौका
हालांकि सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह ने कई बरसों से लटकी घोषणाओं को पूरा किया है, जिसमें वर्ष 2010 से लटकी दो घोषणाएं पूर्व सैनिकों के लिए गृहकर में माफी और युद्ध विधवाओं को दो लाख रुपए की आवासीय मदद देने पर सरकार ने मुहर लगाई है।
पढ़ें, जेपी जोशी प्रकरणः वल्दिया ने भी किया था पीड़िता का यौन शोषण!
इसके अलावा अब तक घोषणाएं या तो बार बार भाषणों में सुनने को मिलती हैं।
यह घोषणाएं हो चुकी हैं पहले भी
शहीद सैनिकों की विधवाओं के पुनर्विवाह और पूर्व सैनिकों की बेटियों के विवाह की राशि दो लाख रुपए करने की घोषणा विजय दिवस से पहले अक्टूबर में भी सैनिक कल्याण मंत्री ने की है। पौड़ी और रुद्रप्रयाग में भर्ती पूर्व प्रशिक्षण केंद्र खोलने की घोषणा मामला सितंबर का है।
नहीं आई धरातल पर
परिवहन बसों में अलंकृत सैनिकों व शहीदों के लिए निशुल्क यात्रा की घोषणा सैनिक कल्याण मंत्री हरक सिंह एक बार कर चुके हैं। हकीकत में यह इस प्रस्ताव को नवंबर 2009 से शासन में विचाराधीन है। छात्रावास खोलने की घोषणा पर अभी तक कोई फैसला शासन स्तर पर नहीं हुआ। दोबारा नहीं कर पाए शुरू।