केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद होने से पूर्व भूमि, भवन स्वामित्व और मुआवजा सहित अन्य प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण होगा। जिला अधिकारी 21 से 25 अक्तूबर तक केदारनाथ में अफसरों के साथ कैंप करेंगे।
अभी तक सोनप्रयाग से केदारनाथ तक आपदा से क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों का मुआवजा वितरण नहीं किया गया है। प्रशासन स्तर से विभिन्न विभागीय अधिकारियों और स्वयं प्रभावितों की ओर से सर्वेक्षण कर रिपोर्ट प्रशासन को सौंपी गई है। लेकिन इन रिपोर्टों में भिन्नता आ रही है।
प्रकरण निस्तारण का निर्णय लिया
इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावितों और अधिकारियों की मौजूदगी में प्रकरण निस्तारण का निर्णय लिया है। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। प्रथम चरण में धाम में प्रकरणों का निस्तारण किया जा रहा है।
इसमें चार वार्डों में बंटे नगर पंचायत केदारनाथ सहित घिनुरपाणी और गरुड़चट्टी के मामले भी निस्तारित होंगे। जिला प्रशासन इसमें भूमि, भवन स्वामित्व प्रकरण देखने के साथ ही स्थानीय तीर्थ पुरोहितों और व्यापारियों की शिकायतों का निस्तारण करेगा।