जिलाधिकारी एवं स्मार्ट सिटी परियोजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आर राजेश कुमार ने मंगलवार को स्मार्ट सिटी के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। निर्माण कार्यों की प्रगति बेहद धीमी पाए जाने पर उन्होंने अफसरों को जमकर खरीखोटी सुनाई। डीएम ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि फाइलों पर समय बिताने के बजाय कार्यस्थलों पर उपस्थित रहकर धरातल पर कार्य कराएं। साथ ही कार्यदायी संस्थाओं को कार्य प्रणाली में सुधार लाते हुए कार्यों की गुणवत्ता एवं समयबद्धता के प्रति गंभीर रहने को कहा।
स्मार्ट सिटी परियोजना के सीईओ ने पलटन बाजार में जारी निर्माण कार्यों पर नाराजगी जताते हुए स्मार्ट सिटी के सहायक महाप्रबंधक को निर्देशित किया कि वे खुद मौके पर उपस्थित रहकर निर्माण कार्य कराएंगे। साथ ही निर्माण कार्यों की दैनिक प्रगति रिपोर्ट सौंपेंगे। अफसरों को निर्देशित किया कि राजधानी के जिन-जिन इलाकों में स्मार्ट सिटी परियोजना के निर्माण कार्य जारी हैं, वहां चेतावनी बोर्ड और बैरियर लगाए जाएं। जो कार्यदायी संस्थाएं चेतावनी बोर्ड और बैरियर नहीं लगाती हैं उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराएं।
उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत प्रस्तावित ग्रीन बिल्डिंग के कार्यों की प्रगति के संबंध में भी जानकारी ली। कार्यदायी संस्था के अधिकारियों ने बताया कि ग्रीन बिल्डिंग की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने पलटन बाजार में नाली एवं सड़क समतलीकरण कार्यों को मानसून से पूर्व हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। सभी अधिकारियों को स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हो रहे कार्यों को फास्ट ट्रैक मोड में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी केके मिश्रा, सीजीएम जगमोहन सिंह चौहान, एजीएम केपी चमोला, सीपीडब्लूडी के सहायक अभियंता एस पंवार, टीके नायक समेत कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।