आला अधिकारियों के तबादलों में सरकार को फजीहत झेलनी पड़ रही है। बीते दिनों बड़ी तादाद में हुए ट्रांसफर में कई अफसरों ने उन स्थानों पर जाने से ही इनकार कर दिया, जहां शासन ने उनकी तैनाती की है। बीते सप्ताह ही शासन ने दर्जन भर से ज्यादा आईएएस अफसरों के कार्यभार में फेरबदल किया है।
तबादला सूची में नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी नितिन भदौरिया और उनकी पत्नी स्वाति भदौरिया का भी नाम था। नितिन भदौरिया को पिथौरागढ़ का डीएम और पत्नी स्वाति को पिथौरागढ़ में ही मुख्य अधिशाषी अधिकारी बनाया गया था। लेकिन पारिवारिक कारणों से पहली बार जिलाधिकारी बनने के इस मौके को भी नितिन ने छोड़ दिया।
इस आईएएस दंपति ने पिथौरागढ़ जाने से इंकार कर दिया। इसी तरह का मामला आईएएस अधिकारी सुशील कुमार का है। पंचायती राज के अपर सचिव सुशील कुमार को बागेश्वर का जिलाधिकारी बनाया गया है। जिस वक्त सूची जारी हुई, उस समय सुशील कुमार डेंगू की चपेट में होने के चलते बिस्तर पर थे।
नहीं ली ज्वाइनिंग तो होगी कार्रवाई
फिलहाल तो वे पूरी तरह दुरुस्त हैं, लेकिन उन्होंने बागेश्वर जाने से इनकार कर दिया है। इस हालत को देखते हुए मुख्यमंत्री के नुमाइंदों ने आईएएस अफसर हरिश्चंद्र सेमवाल को बागेश्वर जाने के लिए एप्रोच किया, लेकिन उन्होंने भी इनकार कर दिया। कुछ ऐसा ही मामला भूपाल सिंह मनराल का है, जिन्हें बागेश्वर के जिलाधिकारी पद से देहरादून का मुख्य नगर अधिकारी बनाया गया था। लेकिन उन्होंने भी यहां आने से इनकार कर दिया है।
मेरी जानकारी में तमाम ऐसे अफसरों के नाम आए हैं, जो अपनी नई तैनातियों पर जाने में आनाकानी कर रहे हैं। इन सभी को तत्काल नई पोस्टिंग संभालने के लिए कहा गया है। अगर ये वहां नहीं जाएंगे, तो विवश होकर मुझे कार्रवाई करनी पड़ेगी।
-शत्रुघ्न सिंह, मुख्य सचिव