खाद्य आपूर्ति विभाग में घटतौली, कालाबाजारी जैसी शिकायतें आला अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए एक टोल फ्री नंबर की व्यवस्था की गई है, लेकिन महकमे के आला अधिकारियों को यह नहीं मालूम की विभाग में ऐसी कोई व्यवस्था भी है। टोल फ्री नंबर लगाने के बाद विभाग भूल गया कि उस पर आने वाली शिकायतों को सुनना और उनका निराकरण करना भी उसका काम है।
हालत यह है कि टोल फ्री नंबर पर घंटी बजती रहती है, लेकिन कोई उठाता नहीं है। इस संबंध में जब विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उन्होंने किसी भी टोल फ्री नंबर होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई। जाहिर है कि विभाग कालाबाजारी, घटतौली, राशन डीलरों की शिकायतें और समस्याओं पर सुनवाई के लिए आंख के साथ कान भी बंद किये है।
2013 में जारी किया गया था नंबर
वर्ष 2013 में खाद्य आपूर्ति विभाग ने एक टोल फ्री नंबर 18001804119 जारी किया था। उद्देश्य यही था कि यदि किसी उपभोक्ता को किसी प्रकार की शिकायत करनी है तो वह इस नंबर पर फोन करके अपनी शिकायत कर सकता है। यही वजह थी कि विभाग के अधिकारियों ने इस नंबर को सभी राशन डीलरों की दुकान पर भी लिखवाया था, ताकि उपभोक्ता घटतौली व अन्य शिकायतें वहीं से दर्ज करा सकें।
मगर टोल फ्री नंबर जारी करने के बाद विभाग भूल गया कि इसे ऑपरेट भी करना होता है। विभाग के साथ-साथ राशन डीलर भी नंबर को भूल गये और अपनी दुकान से उसे हटा दिया। हालांकि टोल फ्री नंबर अब भी एक आध दुकान पर लगा है। लेकिन इस नंबर पर फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिलता है।
टोल फ्री नंबर की व्यवस्था बिगड़ जाने से आम जनता को काफी परेशानियां हो रही हैं। वहीं, कालाबाजारी करने वालों की मौज हो गई है। जिला पूर्ति कार्यालय के एक आध कर्मचारियों को छोड़ दें तो बाकी किसी को नहीं पता कि विभाग में शिकायतों के लिए कोई टोल फ्री नंबर है।
क्या कहते हैं अधिकारी
टोल फ्री नंबर की व्यवस्था है। ऑपरेट नहीं हो रहा है इसके बारे में जानकारी नहीं है। इस समय कर्मचारी विभानसभा सत्र में लगे हैं। पता करते हैं कि टोल फ्री नंबर पर फोन आने पर क्यों नहीं उठाया जा रहा है।
-डॉ. एमएस विसेन, उपायुक्त मुख्यालय
जिला पूर्ति कार्यालय में टोल फ्री नंबर की कोई व्यवस्था नहीं है। वैसे भी आजकल सभी के पास अधिकारियों का नंबर है, जिस पर वह शिकायत दर्ज करा सकते हैं। आम जनता की शिकायत पर विभाग तुरंत कार्रवाई करता है।
-पीएस पांगती, जिला पूर्ति अधिकारी