भारत की सीमाओं की असुरक्षा के लिए अफसर जिम्मेदार हैं। इनकी लापरवाही की वजह से देश की सीमाएं असुरक्षित होती जा रही हैं।
सीमाओं की सुरक्षा और इससे सटे सैकड़ों गांवों से पलायन रोकने को संचालित सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) जैसी योजनाएं पूरी तरह परवान नहीं चढ़ पा रही हैं।
योजना को शत प्रतिशत धरातल पर नहीं उतारे जाने से जहां सीमांत गांवों से पलायन नहीं रुक रहा है और गांव दर गांव खाली हो रहे हैं वहीं गांवों के खाली होने से देश की सीमाएं भी असुरक्षित हो रही है। हालत यह है कि केंद्र की ओर से बीएडीपी के तहत पिछले साल जारी बजट को ही अफसर खर्च नहीं पाए हैं।
ऐसे में केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में स्वीकृत बजट को जारी करने में करीब-करीब रोक ही लगा दी है। बीएडीपी राज्य के पांच जिलों चमोली, उत्तरकाशी, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में लागू है।