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यहां रिटायर नहीं होते अफसर

Fri, 02 Aug 2013 09:26 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
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राज्य में अधिकारी रिटायर नहीं होते। उनकी पुनर्नियुक्ति अथवा पुनर्वास की व्यवस्था पहले ही तय कर दी जाती है। जिसके चलते सेवानिवृत्ति हो भी गए तो सरकारी सुविधाएं बनी रहती हैं। तर्क यह है कि राज्य में अधिकारियों की भारी कमी के चलते ऐसा करना सरकार की मजबूरी है।
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परंपरा थमने का नाम नहीं ले रही
उत्तर प्रदेश से अलग होने के साथ ही प्रदेश में सेवानिवृत्त अधिकारियों को पुनर्नियुक्ति अथवा पुनर्वास देने की शुरू हुई परंपरा थमने का नाम नहीं ले रही है। जबकि इससे तमाम अधिकारियों का हक-हकूक मारा जा रहा है। ताजा मामला अपर मुख्य सचिव स्तर के अधिकारी एस.के. मट्टू का है।

उन्हें छह महीने के लिए पुनर्नियुक्ति दिए जाने से एसीएस ग्रेड में पदोन्नति की राह ताक रहे एफआरडीसी बीपी पांडे की प्रगति छह महीने के लिए रुक गई। मट्टू हालांकि नान काडर पदों पर कार्यरत हैं। लेकिन पांडे को एसीएस ग्रेड अब तभी मिल सकेगा, जब मट्टू यहां से जाएंगे।
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इसके पहले एन.एस. नपल्च्याल को मुख्य सचिव के पद पर छह महीने की पुनर्नियुक्ति दी गई थी। जिस कारण उनके बाद वालों का हक मारा गया और मुख्य सचिव बनने में उतनी अवधि तक इंतजार करना पड़ा।

नपल्च्याल पुनर्नियुक्ति की अवधि पूरी करते, इसके पहले ही मुख्य सूचना आयुक्त बना कर उनका पुनर्वास कर दिया गया। इसके पहले आरएस टोलिया रिटायरमेंट के साथ ही मुख्य सूचना आयुक्त बने। एसके दास का भी मुख्य सचिव पद से रिटायरमेंट के बाद उत्तराखंड लोक सेवा आयोग में पुनर्वास किया गया। इसके पहले बीसी चंदोला, सोहन लाल, टीएन सिंह आदि का पुनर्वास होता रहा।

यह ऐसी परंपरा कायम हुई कि रुकने का नाम नहीं ले रही है। रिटायरमेंट के बाद भी अधिकारियों को उसी पद पर कुछ महीने के लिए पुनर्नियुक्ति अथवा किसी आयोग, प्राधिकरण, अभिकरण आदि में सदस्य, अध्यक्ष-उपाध्यक्ष आदि बना कर पुनर्वास दिया जा रहा है। तर्क यह है कि राज्य में अधिकारियों की भारी कमी है। जिसके चलते सरकार भी मजबूर है। लेकिन पुनर्वास और पुनर्नियुक्ति भी चुनिंदा अधिकारियों को ही मिल रही है।
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पिछले वर्षों में पुनर्वासित हुए कुछ अधिकारी
व्यक्ति - वर्तमान दायित्व - नौकरी में रहते पद
इंदू कुमार पांडे - मुख्यमंत्री के सलाहकार - मुख्य सचिव पद से रिटायर
डी.के. कोटिया - एसएटी का उपाध्यक्ष - प्रमुख सचिव पद से रिटायर
एनएस नेगी - सदस्य यूकेपीएससी - सचिव पद से रिटायर
हरीशचंद्र जोशी - राज्य निर्वाचन आयुक्त - सचिव पद से रिटायर
सुवर्द्धन - कमिश्नर गढ़वाल - इसी पद पर 3 माह की पुनर्नियुक्ति
एसएस रावत - सचिव - इसी पद पर 3 माह की पुनर्नियुक्त
आरसी पाठक - सचिव - इसी पद पर 3 माह की पुनर्नियुक्ति

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