‘साहब 20 लेते हैं, तुम 15 दे दो और कागज ले जाओ’ यह कॉल रिकार्डिंग का एक अंश है अमर उजाला संवाददाता से आरटीओ के एक दलाल से हुई फोन पर बातचीत का। वाहन स्वामी से दलाल द्वारा एक अफसर के नाम पर 15 हजार रुपये मांगने की शिकायत पर फोन किया गया था।
मूलरूप से उत्तरकाशी के पुरोला निवासी राकेश प्रसाद सेमवाल ने अपने ट्रक (यूए 07 एन 3488) की फिटनेस को 23 जनवरी को आवेदन किया था। प्रार्थना पत्र में उसने बताया था कि उसके ट्रक का फ्रेम क्रेक हो गया तो उसने उसकी वेल्डिंग करवा दी। इसके बाद चेसिस नंबर साफ दिखाई नहीं दे रहा है।
आरटीओ के एक अधिकारी के आदेश पर वाहन स्वामी ने 25 जनवरी को टाटा कंपनी से गाड़ी का चेसिस नंबर 386555 डीटीजेड 809428- द्वितीय फिर से आवंटित करवा कर लाया। वाहन स्वामी ने अमर उजाला को बताया कि इसके बाद वह एआरआई (सहायक संभागीय निरीक्षक प्राविधिक) आलोक गुप्ता से मिला। आरोप है कि गुप्ता ने उसे डीएस मान नामक एजेंट से बात करने के लिए कहा। जब एजेंट से मिला, तो वह 15 हजार रुपये मांगने लगा। वाहन मालिक का कहना है कि उसने 15 हजार रुपये नहीं दिए तो उसे वाहन नहीं दिया गया। इस वजह से उसे रोजाना हजारों का नुकसान हो रहा है।