गैरसैंण में प्रस्तावित विधानसभा सत्र की तैयारियों में सरकारी अमले की व्यस्तता का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।
कर्णप्रयाग तहसील में कई जरूरतमंद तहसीलों के लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी न होने पर उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है।
27 मई से शुरू होगा सत्र
27 मई से गैरसैंण में विस सत्र की तैयारियां हो रही हैं। व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिए शासन-प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी यहां पहुंच चुके हैं।
जिला और तहसील स्तरीय अधिकारियों को भी यहां ड्यूटी पर लगा दिया गया है, जिससे लोगों के काम व्यापक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
नहीं बन रहे प्रमाणपत्र
जाख गांव के जगमोहन सिंह बिष्ट और नौटी के सोबन सिंह चौहान तीन दिन से चरित्र और ओबीसी प्रमाण पत्र बनाने के लिए गांव से तहसील पहुंच रहे हैं, लेकिन उप जिलाधिकारी और नायब तहसीलदार के गैरसैंण में होने से उन्हें निराश लौटना पड़ा।
दूसरी तरफ पानी, बिजली सहित अन्य समस्याओं को लेकर आए ग्रामीण भी बैरंग लौट गए।
जनसमस्याओं की अनदेखी
सामाजिक कार्यकर्ता अरुण मैठाणी का कहना है कि सरकार को जनता के कार्यों से अधिक गैरसैंण में विस सत्र की पड़ी है। तहसील में तहसीलदार का पद रिक्त चल रहा है।
एसडीएम और नायब तहसीलदार को गैरसैंण ड्यूटी पर लगा दिया गया है, जो जनसमस्याओं की अनदेखी है।