जनसमस्याओं के समाधान के प्रति उत्तराखंड के विभिन्न विभागों के अफसर गंभीर नहीं हैं। जनता की समस्याओं के निस्तारण के लिए लगने वाले तहसील दिवस पर अफसर शामिल नहीं हो रहे हैं। इस प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए डीएम रविनाथ रमन ने ऐसे अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हर महीने के मंगलवार को तहसीलों में तहसील दिवस का आयोजन किया जाता है। तहसील दिवस आयोजित करने के पीछे मंशा यह थी कि तमाम विभागों के तालमेल से लोगों की समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया जाए। इसलिए तहसील दिवस में सभी विभागों के अफसरों को अनिवार्य रूप से मौजूद होने के निर्देश हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से कई अधिकारियों ने तहसील दिवसों से दूरी बना ली है।
उपजिलाधिकारियों द्वारा डीएम को इस संबंध में शिकायत भेजी गई है। ताजा उदाहरण विकासनगर में दो फरवरी को हुए तहसील दिवस का है। इसमें शिकायतें तो बहुत आईं, लेकिन संबंधित अफसरों के गायब रहने की वजह से लोगों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
उपजिलाधिकारी विकासनगर हर गिरी ने इस संबंध में जिलाधिकारी को भेजी शिकायत में कहा कि तहसील दिवसों पर अफसरों के मौजूद न होने से समस्याओं के समाधान में दिक्कत आ रही है। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए विकासनगर के खंड विकास अधिकारी, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और सहसपुर थानाध्यक्ष से तहसील दिवस में मौजूद न होने का कारण पूछकर चेतावनी के साथ स्पष्टीकरण मांगा है।
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि भविष्य में तहसील दिवस में बिना किसी ठोस कारण के गायब रहने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।