सूबे को बृहस्पतिवार को 187 बंदरीक्षक मिल गए। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पासिंग आउट परेड की सलामी और रिक्रूटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई। सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट जितेंद्र सिंह रावत को सीएम ने पुरस्कृत कर पीठ पथपाई। 40वीं वाहिनी पीएसी कैंपस में चल रहे तीन माह के प्रशिक्षण के बाद बृहस्पतिवार को 187 रिक्रूटों के पासिंग आउट परेड का आयोजन हुआ।
प्रदेश की जेलों के लिए बंदीरक्षकों की पहली बार भर्ती हुई है। जेलों में बंदीरक्षकों का टोटा है। 187 बंदीरक्षकों ने बृहस्पतिवार को शपथ ली तो शुक्रवार को बेलपडाव रामनगर नैनीताल में 183 बंदीरक्षक शपथ लेंगे। इस तरह कुल 370 बंदीरक्षक प्रदेश की जेलों को मिल गए अब काफी हद तक बंदीरक्षकों की कमी खत्म होगी।
मुख्य अतिथि सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मान प्रणाम लिया। फिर खुली जीप में परेड का निरीक्षण कर सलामी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी ड्यूटी को मेहनत और ईमानदारी के साथ निभाएं। सीएम ने रिक्रूटों को कर्तव्यनिष्ठा की शपथ भी दिलाई।
सीएम ने बैच के सर्वश्रेष्ठ रिक्रूट जितेंद्र सिंह रावत समेत दस रिक्रूट मेजर सिंह, आशीष प्रसाद, प्रवीण सिंह भंडारी, संदीप सिंह राणा, अंकित रतूडी, राजेश डिमरी, त्रिभुन सिंह रावत, विशांत, गौरव कुमार को परस्कृत किया। परेड कमांडर सचिन भारती, द्वितीय परेड कमांडर सय्यद जुबेर, तृतीय परेड कमांडर अशोक सिलोडी, फायरिंग में सर्वोत्तम कुलदीप कुमार और अनुशासन में सर्वोत्तम नरेंद्र सिंह को भी भी पुरस्कृत किया गया।
एक- एक कर पांच रिक्रूट हुए बेहोश
इस अवसर पर शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक देशराज कर्णवाल, सेनानायक अरुण मोहन जोशी, एटीसी की प्रधानाचार्य नीरू गर्ग, जिलाधिकारी दीपक रावत, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, उप सेनानायक प्रमेंद्र डोबाल, एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी ममता वोहरा, उप सेनानायक सुरजीत सिंह पंवार, अरुणा भारती, जेल अधीक्षक एसके सुखीजा, जेल अधीक्षक देहरादून महेंद्र सिंह ग्वाल, भाजपा नेता विकास तिवारी, विशाल गर्ग, संजीव चौधरी, नवनीत परमार, स्वदेश चौधरी, रवि जैसल, महिला नेत्री अश्वनी चौहान, कामिनी सडाना समेत अनेक भाजपाई, अधिकारी मौजूद रहे। आईजी पीवीके प्रसाद, सेनानायक आरएल शर्मा ने सीएम को स्मृति चिह्न भेंट किया।
एक- एक कर पांच रिक्रूट हुए बेहोश
चिलचिलाती धूप को कई रिक्रूट सहन नहीं कर पाए। परेड के बीच में ही एक- एक कर पांच रिकू्रट बेहोश होकर गिर पड़े। ये सब तब हुआ जब सीएम परेड की सलामी ले रहे थे या फिर संबोधित कर रहे थे। आनन- फानन में बेहोश होते रहे रिक्रूट को उठाकर पंडाल के बाहर ले जाया जाता रहा। फिर उन्हें उपचार दिलाया गया। रिक्रूट सुबह पांच बजे से परेड की तैयारी में जुटे थे।
कंधे पर बैठाकर मनाई खुशी
पासिंग आउट परेड के बाद बंदीरक्षक बने रिकू्टों ने खुशी मनाई। एक- दूसरे को कंधे पर उठाकर खुशी का इजहार किया। परिजन भी इस खुशी में शामिल हुए। पासिंग आउट परेड के दौरान परिजन अपने- अपने मोबाइल फोन में यादगार पल को कैद करने में लगे रहे। मैदान के इर्द गिर्द खासी भीड़ लगी रही।