आईएसबीटी की जमीन में खुदाई के दौरान मिले कंकाल के मामले में फारेंसिक जांच के बाद पर्दा उठ गया है। जांच में पता चला है कि कंकाल 100 साल पुराना नहीं बल्कि एक साल पुराना था और खोपड़ी महिला की थी।
कुछ हड्डियों की जांच से पता चला है कि कंकाल आदमियों के भी हो सकते हैं। कुछ छोटी हड्डियों की पहचान नहीं हो सकी है। कंकाल जांच अधिकारी को डीएनए जांच के लिए सौंप दिए गए हैं।
आईएसबीटी की जमीन में खुदाई के दौरान कब्र मिलने से हड़कंप मचा था। कहा जा रहा था कि कब्र बहुत पुरानी हैं। परिवहन मंत्री यशपाल आर्य ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।
आईएसबीटी में मिले कंकाल, खोपड़ी और हड्डियों को जांच के लिए राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी के फारेंसिक विभाग में भेजा गया था। फारेंसिक विभाग में कालेज के प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा, डॉ. अटल और एनाटामी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. देपा देउपा ने जांच की।