-सीएम आवास कूच की आशंका के बाद हाथीबड़कला पहुंची पुलिस, इधर टंकी पर चढ़ गए आंदोलनकारी
जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली की आंदोलनकारी मुख्यमंत्री आवास कूच करने जा रहे हैं। ऐसे में भारी पुलिस बल सीएम आवास से पहले हाथीबड़कला के पास तैनात कर दिया गया। लेकिन आंदोलनकारी वहां जाने के बजाय परेड ग्राउंड स्थित टंकी पर चढ़ गए। पुलिस जब तक पहुंचती पांच लोग ऊपर चढ़ चुके थे।
तेज बारिश के बीच डटे रहे आंदोलनकारी
आंदोलन के दौरान दोपहर करीब 12 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बाद भी आंदोलनकारी टंकी पर चढ़े रहे। साथ ही टंकी के नीचे मौजूद करीब 350 आंदोलनकारी भी डटे रहे। इसमें नर्सिंग बेरोजगारों के छोटे-छोटे बच्चे भी उनके साथ थे।
कांग्रेस के हरक सिंह रावत स्वास्थ्य मंत्री से मिलने पहुंचे
कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत नर्सिंग बेरोजगारों के समर्थन में देर शाम स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इस पर हरक सिंह ने बताया कि करीब तीन घंटे तक स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता हुई। इसमें उन्होंने आश्वासन दिया कि फाइल को मंगवाया गया है। इसे अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। इसके बाद ही कोई निर्णय हो पाएगा। इस दौरान विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार और लालचंद शर्मा मौजूद रहे।
स्वास्थ्य मंत्री का संदेश लेकर पहुंचे नेताओं की भी नहीं मानी बात
स्वास्थ्य मंत्री के साथ वार्ता कर धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं की भी आंदोलनकारियों ने बात नहीं मानी। उन्होंने मंत्री के आश्वासन को उनके समक्ष रखा। लेकिन वे सभी मांग पूरी करने का शासनादेश जारी करने की बात पर अड़े रहे। उन्होंने आंदोलनकारियों को कई घंटे तक समझाया।
पुलिस ने जबरन उतारने की कोशिश की तो कूदने की दी चेतावनी
जानकारी के मुताबिक देर रात पुलिस ने आंदोलनकारियों को जबरन उतारने की कोशिश की तो उन्होंने ऊपर से कूदने की चेतावनी दे दी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर जबरदस्ती करोगे तो पेट्रोल डालकर आत्मदाह भी कर लेंगे। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा।
जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती आंदोलन उग्र ही रहेगा। शासनादेश जारी होने के बाद ही आंदोलनकारी टंकी से उतरेंगे। अब कोई आश्वासन नहीं माना जाएगा। -नवल पुंडीर, अध्यक्ष, नर्सिंग एकता मंच
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आंदोलनकारी कानून के दायरे में रहकर शांति प्रिय ढंग से धरना दें। चर्चा में आने के लिए कोई ऐसा कदम न उठाएं जो कानून के विरुद्घ हो। धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात है। -प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून