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Dehradun: वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े नर्सिंग एकता मंच के सदस्य, 23 दिन से हैं आमरण अनशन पर

Tue, 12 May 2026 11:28 AM IST
Renu Saklani माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

टंकी पर चढ़े नर्सिंग बेरोजागार मांग पूरी करने की जिद पर अड़े हैं। वर्षवार भर्ती की मांग के लिए नर्सिंग बेरोजगार पांच महीने से धरने पर बैठे हैं।

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टंकी पर चढ़े नर्सिंग एकता मंच - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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वर्षवार भर्ती की मांग को लेकर नर्सिंग एकता मंच के सदस्य परेड ग्राउंड के समीप स्थित टंकी पर चढ़े पूरी रात डटे रहे। टंकी पर चढ़े नर्सिंग बेरोजागार मांग पूरी करने की जिद पर अड़े है। 23 दिन से आमरण अनशन पर बैठे कई लोग बीमार हो चुके हैं।

नर्सिंग बेरोजगार सोमवार सुबह पांच बजे मांग पूरी करवाने के लिए परेड ग्राउंड स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। जब तक पुलिस मौके पर पहुंचकर उन्हें रोकती तब तक पांच लोग ऊपर चढ़ चुके थे। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के साथ दिन भर चली कई दौर की वार्ता भी विफल रही। वे मांगों का शासनादेश जारी करने की जिद पर अड़े हुए हैं।

दो हजार नर्सिंग बेरोजगारों समर्थन कर रहे

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धरना स्थल पर पहुंच कर कांग्रेस और स्वाभिमान मोर्चा के संयोजक बॉबी पंवार ने भी समर्थन दिया है। नर्सिंग एकता मंच गत पांच महीने से आईपीएचएस मानकों के अनुरूप वर्षवार भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने के लिए धरने पर है। प्रदेश भर से करीब दो हजार नर्सिंग बेरोजगारों इस मांग का समर्थन कर रहे हैं। पिछले 23 दिनों से कई नर्सिंग बेरोजगार आमरण अनशन पर हैं।

इसकी वजह से कई लोग बीमार होकर अस्पतालों में भर्ती भी किए गए। संगठन के पदाधिकारियों ने कई बार स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। लंबे समय तक सुनवाई न होने पर सोमवार को आंदोलनकारी उग्र हो गए। एकता विहार धरना स्थल से उठकर सुबह करीब पांच बजे वे परेड ग्राउंड आ गए।
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इनमें से चार आंदोलनकारी विनोद, धर्मेंद्र, कविता और आनंद पानी की टंकी पर चढ़ गए। इनके साथ में कांग्रेस की महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला भी टंकी पर चढ़ गईं। आंदोलनकारियों ने टंकी के ऊपर अपना बैनर लगा दिया। इसके बाद भारी संख्या में पुलिस बल ने उन्हें नीचे उतारने की कोशिश की। पुलिस ने शासन से भी वार्ता कराई लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया।

-सीएम आवास कूच की आशंका के बाद हाथीबड़कला पहुंची पुलिस, इधर टंकी पर चढ़ गए आंदोलनकारी

जानकारी के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली की आंदोलनकारी मुख्यमंत्री आवास कूच करने जा रहे हैं। ऐसे में भारी पुलिस बल सीएम आवास से पहले हाथीबड़कला के पास तैनात कर दिया गया। लेकिन आंदोलनकारी वहां जाने के बजाय परेड ग्राउंड स्थित टंकी पर चढ़ गए। पुलिस जब तक पहुंचती पांच लोग ऊपर चढ़ चुके थे।

तेज बारिश के बीच डटे रहे आंदोलनकारी

आंदोलन के दौरान दोपहर करीब 12 बजे तेज बारिश शुरू हो गई। इसके बाद भी आंदोलनकारी टंकी पर चढ़े रहे। साथ ही टंकी के नीचे मौजूद करीब 350 आंदोलनकारी भी डटे रहे। इसमें नर्सिंग बेरोजगारों के छोटे-छोटे बच्चे भी उनके साथ थे।

कांग्रेस के हरक सिंह रावत स्वास्थ्य मंत्री से मिलने पहुंचे

कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत नर्सिंग बेरोजगारों के समर्थन में देर शाम स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल से मिलने के लिए उनके आवास पर पहुंचे। इस पर हरक सिंह ने बताया कि करीब तीन घंटे तक स्वास्थ्य मंत्री से वार्ता हुई। इसमें उन्होंने आश्वासन दिया कि फाइल को मंगवाया गया है। इसे अगली कैबिनेट में रखा जाएगा। इसके बाद ही कोई निर्णय हो पाएगा। इस दौरान विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व विधायक राजकुमार और लालचंद शर्मा मौजूद रहे।

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स्वास्थ्य मंत्री का संदेश लेकर पहुंचे नेताओं की भी नहीं मानी बात

स्वास्थ्य मंत्री के साथ वार्ता कर धरना स्थल पर पहुंचे कांग्रेस नेताओं की भी आंदोलनकारियों ने बात नहीं मानी। उन्होंने मंत्री के आश्वासन को उनके समक्ष रखा। लेकिन वे सभी मांग पूरी करने का शासनादेश जारी करने की बात पर अड़े रहे। उन्होंने आंदोलनकारियों को कई घंटे तक समझाया।

पुलिस ने जबरन उतारने की कोशिश की तो कूदने की दी चेतावनी

जानकारी के मुताबिक देर रात पुलिस ने आंदोलनकारियों को जबरन उतारने की कोशिश की तो उन्होंने ऊपर से कूदने की चेतावनी दे दी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगर जबरदस्ती करोगे तो पेट्रोल डालकर आत्मदाह भी कर लेंगे। इसके बाद पुलिस को पीछे हटना पड़ा।

जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती आंदोलन उग्र ही रहेगा। शासनादेश जारी होने के बाद ही आंदोलनकारी टंकी से उतरेंगे। अब कोई आश्वासन नहीं माना जाएगा। -नवल पुंडीर, अध्यक्ष, नर्सिंग एकता मंच

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आंदोलनकारी कानून के दायरे में रहकर शांति प्रिय ढंग से धरना दें। चर्चा में आने के लिए कोई ऐसा कदम न उठाएं जो कानून के विरुद्घ हो। धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात है। -प्रमेंद्र डोबाल, एसएसपी, देहरादून

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