प्रदेशभर में चल रही नर्सों की हड़ताल ने मरीजों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं, लेकिन मंगलवार को नर्सों के यह हड़ताल खत्म हो गई। मांगे पूरी करने के लिए सरकार ने तीन माह का समय लिया है।
प्रमुख सचिव हेल्थ के अंर्तगत एक कमेटी बनाई गई है जो नियमावली तैयार करेगी और प्रस्ताव बनाकर शासन को सौंपेगी। इस कमेटी में डीजी हेल्थ के अलावा नर्सों की एक नेता भी रहेगी।
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इससे पहले सोमवार को गढ़वाल के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पौड़ी-गढ़वाल में दोपहर दो बजे के बाद मरीजों और तीमारदारों को खासा परेशान होना पड़ा। उधर, देहरादून में नर्सों के नए ऐलान ने स्वास्थ्य विभाग की पेशानी बड़ा दी थी।
नर्सों का कहना था कि अगर उनकी पदोन्नति, पे ग्रेड, सिस्टर इंचार्ज को गजटेड अफसर का दर्जा देने आदि मांगों पर कोई फैसला नहीं हुआ तो 26 सितंबर से वे सुबह की शिफ्ट में काम नहीं करेंगी। शासन ने सोमवार को मांग से संबंधित दो शासनादेश जारी किए थे।
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