नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) बाघों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए वन विभाग की मदद करेगा। पहले चरण में कॉर्बेट पार्क से सटे दो प्रभागों के लिए दो करोड़ की राशि मिलेगी। उसके बाद पश्चिमी वृत्त के अधीन अन्य प्रभागों के लिए राशि जारी होने की उम्मीद है।
वन विभाग एक तरफ बाघों की संख्या बढ़ने पर खुश है, तो दूसरी तरफ उनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित भी है। अनुमान के मुताबिक केवल पश्चिमी वृत्त के अधीन रामनगर, हल्द्वानी, तराई पश्चिमी, तराई केंद्रीय और तराई पूर्वी वन प्रभाग में सौ से अधिक बाघ हैं।
ऐसे में इन प्रभागों में बाघों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एनटीसीए ने मदद करने का फैसला किया है। पहले चरण में एनटीसीए रामनगर और तराई पश्चिमी वन प्रभाग के लिए दो करोड़ का बजट देगा। इस संबंध में दिल्ली में एनटीसीए के अधिकारियों के साथ वनाधिकारियों की वार्ता भी हुई है।
पश्चिमी वृत्त के अधीन आने वाले प्रभागों में सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें एनटीसीए भी मदद करेगा और जल्द ही दो वन प्रभागों के लिए दो करोड़ का बजट देगा। इस बजट से गश्त, वन चौकियों का निर्माण/मरम्मत समेत अन्य कार्य होंगे। शेष तीन अन्य प्रभागों के लिए भी बजट मिलने की उम्मीद है। इनका प्रस्ताव जल्द ही चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन के माध्यम से एनटीसीए को भेजा जाएगा।
-डॉ. पराग मधुकर धकाते, वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त