इसी दौरान दोपहर करीब साढ़े 12 बजे उतरते समय प्रकाश वाछमी गिरकर घायल हो गया, उसे जिला अस्पताल लाया गया। उसके सिर में छह टांके हैं। उसकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
नारेबाजी करने वालों में एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष गोकुल परिहार, सूरज जोशी, देवेंद्र मेहरा, तनुज कुमार, रमेश दुबड़िया, तनुज परिहार, दिनेश दुबड़िया, भरत दानू, मोहित सिंह आदि थे। एसडीएम राकेश तिवारी, सीओ महेश चंद्र जोशी, कोतवाल टीआर वर्मा, डॉ. एसएस धपोला, डॉ. नरेश कुमार आदि ने छत पर चढ़े छात्रों को मनाया।
सावधानी बरती होती तो न होती घटना
अगर कॉलेज, पुलिस प्रशासन थोड़ी सावधानी बरतता तो घटना से बचा जा सकता था। लोगों का कहना था कि यह बवाल दो घंटे तक चला। उस समय तेज धूप थी। दोनों छात्रनेता टिनशेड की छत पर चढ़े थे। उन्हें प्यास भी लगी थी। तब तक प्रशासन को रस्सी, लंबी सीढ़ी, आपदा प्रबंधन या फायर पुलिस के संसाधन जुटा लेने चाहिए थे। ऐसा न हो पाने के कारण ही मामला बढ़ गया।
पुरानी घटनाओं से भी नहीं लिया सबक
पूर्व में ऐसे ही प्रयास में रामनगर और पिथौरागढ़ के दो छात्रनेता अपनी जान गंवा चुके हैं। यहां भी पहले कई प्रयास हो चुके हैं। तब कॉलेज प्रशासन ने छतों तक पहुंचे कई पेड़ कटवा दिये थे। इसके बावजूद शुक्रवार को दो छात्रनेता छत पर चढ़ गए।