प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देहरादून दौरे का विरोध कर रहे भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें पकड़कर पुलिस लाइन ले आई। करीब दो घंटे बाद मोदी की रैली खत्म होने पर इन्हें छोड़ा गया।
मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दून पहुंचने पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष श्याम सिंह चौहान के नेतृत्व में काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई थी। कार्यकर्ता जैसे ही काले झंडे और कपड़े लेकर कांग्रेस भवन से बाहर निकले पुलिस ने तत्काल उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने काले रंग के गुब्बारे उड़ाकर विरोध जताया। पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को जबरन वाहनों में डालकर पुलिस लाइन ले गई। इस दौरान हिरासत में लिए जाने पर छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर बहस और धक्का मुक्की भी हुई। प्रदेश अध्यक्ष श्याम सिंह चौहान ने कहा कि जब देश के उद्योगपतियों के हजारों करोड़ रुपये माफ किए जा सकते हैं तो छात्रों का शिक्षा लोन माफ क्यों नहीं होता।
उन्होंने प्रधानमंत्री पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सहारा और बिड़ला कंपनी से पैसे लेने की बात दोहराई। साथ ही, उन्होंने नोटबंदी के बाद करोड़ों का सोना खरीदने वाले विधायक के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने कहा कि नोट बंदी से आम आदमी से लेकर छात्र तक लाइन में हैं। इससे उनकी पढ़ाई समेत सभी काम बाधित हो रहे हैं।
इन सभी बिंदुओं को लेकर वह प्रधानमंत्री के दौरे का विरोध करते हैं। करीब दो घंटे हिरासत में रखने के बाद पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया। विरोध करने वालों में प्रदेश प्रभारी शिवराज मोरे, राष्ट्रीय सचिव दीपक नेगी, जिलाध्यक्ष अजय त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष विनीत प्रसाद भट्ट, स्वाति नेगी, संग्राम सिंह पुंडीर, भूपेंद्र नेगी, नरेश राणा, विकास नेगी, सौरभ ममगाई आदि छात्र शामिल रहे।