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उत्तराखंडः आईआईटी रुड़की में एबीवीपी ने की तोड़-फोड़

Tue, 14 Jul 2015 03:04 PM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
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आईआईटी रुड़की से निकाले गए 72 छात्रों का निष्कासन रद्द करने की मांग को लेकर मंगलवार को एबीवीपी ने संस्थान के कैंपस में तोड़-फोड़ कर दी है। संभवतः देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थान के कैंपस में तोड़-फोड़ की यह पहली घटना है। मौके पर पुलिस बल तैनात है। घटनास्थल पर मौके पर रजिस्ट्रार पहुंच गए हैं।
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दूसरी ओर, निष्कासित किए गए छात्रों के समर्थन में एनएसयूआई भी उतर गया है। निकाले छात्रों को वापस लेने की मांग को लेकर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की भूख हड़ताल जारी है। इससे पहले निकाले गए छात्रों को वापस लेने की मांग को लेकर सोमवार को भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने आईआईटी गेट पर प्रदर्शन किया था।

आईआईटी परिसर में प्रवेश करने को लेकर उनकी पुलिस ने तीखी नोकझोंक भी हुई थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर नहीं जाने दिया। जिस पर कार्यकर्ता गेट पर ही धरने पर बैठ गए।
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सोमवार को भी IIT के गेट पर किया था प्रदर्शन

सोमवार को एबीवीपी कार्यकर्ता आईआईटी गेट पर पहुंचे। यहां पर उन्होंने आईआईटी डायरेक्टर से मिलने की मांग की, लेकिन आईआईटी प्रशासन ने समय नहीं दिया। इस पर कार्यकर्ताओं ने आईआईटी प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया।

संगठन के गढ़वाल संभाग प्रमुख गौरव शर्मा ने कहा कि आईआईटी ने 72 छात्रों को निकालकर उनके भविष्य से खिलवाड़ किया है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आईआईटी प्रशासन से निकाले गए सभी छात्रों को वापस लेने और सीनेट को भंग करने की मांग की।

संगठन के जिला प्रमुख गोविंद सिंह कुमराड़ा ने कहा कि जब तक छात्रों को इंसाफ नहीं मिल जाता है तब तक संगठन अपना संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को निकाला जाना अन्याय है।

इस अवसर पर नितिन चौधरी, कमल शर्मा, सूर्यकांत सैनी, प्रवीण, रेशु त्यागी, रमेश, दीपक, अंकित चौधरी, राष्ट्रवीर चौधरी, दीपांशु गिरी, राजकमल पुंडीर, अर्जुन आदि मौजूद रहे।

यह है मामला
आईआईटी रुड़की ने बीटेक प्रथम वर्ष में 5 सीजीपीए से कम अंक आने पर के 73 छात्रों को संस्थान से निकाल दिया था। बाद में एक छात्र को संस्थान ने वापस ले लिया था। जिसके बाद निष्कासित छात्रों की संख्या 72 रह गई है।
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