इस दिवाली देहरादून के सभी बैंक विदेश में बसे दूनवासियों पर नजरे लगाए बैठे हैं।
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उनके एनआर सेक्शन की तरफ से शहर के मोहल्लों में जाकर ऐसे ग्राहकों की हकीकत खंगाली जा रही है, जो इस दिवाली की छुट्टी आ चुके हैं या आने वाले हैं।
एनआरआई ग्राहकों पर बैंकों की नजर
इरादा यह है कि बैंक की तरफ से गिफ्ट या मोमेंटो देकर उन्हें कुछ खास का अहसास कराया जाए और इस अहसास को बिजनेस में तब्दील किया जाए।
त्योहार से ठीक पहले खास तौर पर एनआरआई ग्राहकों के लिए की जाने वाली इस पहल को एनआर वीक का नाम दिया गया है।
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इतना ही नहीं, बैंकों की शाखाओं में पहुंचने वाले एनआरआई ग्राहकों के भी खास तरह से स्वागत की तैयारी है, ताकि लोन करने समेत अन्य निवेश योजनाओं के लिए उन्हें प्रेरित किया जाए, फायदा कमाया जाए।
कुछ बैंक यह कवायद शुरू कर चुके हैं, जबकि कुछ 25 अक्तूबर से करने वाले हैं।
अलग-अलग हिस्सों में बांटा शहर
बैंकों ने इस कवायद के लिए शहर को अलग-अलग हिस्सों में बांट दिया है। मसलन राजपुर, करनपुर आदि। हर क्षेत्र एक एक्जीक्यूटिव के हवाले है। यही एनआरआई की लिस्ट पर काम कर रहे हैं।
पांच हजार से ज्यादा खाते
बैंक इस स्ट्रेटेजी को अपने लिए एक अच्छी पहल मान रहे हैं। एक अनुमान के मुताबिक अकेले दून में निजी बैंकों के जरिए खाते ऑपरेट करने वाले एनआरआई की संख्या पांच हजार से ज्यादा है।
दिवाली जैसे त्योहार को हर एनआरआई अपने परिजनों के बीच मनाना चाहता है। इसी को आधार बनाकर बैंकों ने यह पहल की है, इससे क्लाइंटेल पक्की होने के साथ ही लाभ होता है।
- राहुल रावत, यस बैंक
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