ट्रायल सफल रहने पर इसका बड़े स्तर पर प्रयोग किया जा सकता है। उनका कहना है कि युवाओं के बीच टिक टॉक जितना प्रचलित है, उस लिहाज से पुलिस ने यह माध्यम चुना है।
उन्होंने कहा कि युवाओं की बात उनके अंदाज में ही पेश की जाएगी, ताकि वह बेहतर तरीके से समझ सकें। अभी तक पुलिस की ओर से पोस्टर, फेसबुक, ट्वीटर आदि के माध्यम से सुझाव भेजे जाते रहे हैं।
टिक टॉक के डायरेक्ट ऑफ पब्लिक पॉलिसी (भारत) नितिन सलुजा ने कहा कि उत्तराखंड पुलिस के साथ जुड़ना उनका एक अच्छा अनुभव है। हम टिक टॉक के माध्यम से समाज में बेहतर बदलाव की कोशिश करेंगे।
ऐसे करें सर्च
टिक टॉक मोबाइल ऐप पर @uttarakhandpolice टाइप करें। सामने उत्तराखंड पुलिस का पेज खुलेगा। इसके नीचे ही फॉलो का बटन होगा। इसे फॉलो करें। इसके बाद पुलिस की ओर से जो भी वीडियो पोस्ट की जाएगी, आप उन सभी को देख न सुन सकेंगे।