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अब इस फिल्म के रिलीज होने पर संकट, फिल्म निर्माता से मांगे ढाई लाख एडवांस

Sun, 03 Dec 2017 05:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश
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प्रदर्शन के लिए तैयार इस फिल्म पर आखिरी वक्त में संकट आ गया है। फिल्म के प्रदर्शन के लिए फिल्म निर्माता से ढाई लाख रुपये की मांग की गई है। इसके अलावा भी ऐसे कई कारण है जानकर आप भी चौंक जाएंगे...
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उत्तराखंड सरकार आंचलिक फिल्मों के प्रमोशन के लिए कितनी संजीदा है, यह इस बात से साबित हो जाता है कि डेढ़ साल बाद भी फिल्मों को प्रदर्शन के दौरान दिए जाने वाले टैक्स रिबेट का शासनादेश तक जारी नहीं किया गया है।

नतीजा, हाल ही में प्रदर्शन के लिए तैयार गढ़वाली फिल्म ‘बौड़िगी गंगा’ की रिलीज अधर में लटक गई है। फिल्म के प्रदर्शन के लिए स्थानीय सिनेमा हॉल के संचालक ने फिल्म निर्माता से बतौर रेंट करीब ढाई लाख रुपए एडवांस मांगा है।
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दरअसल, सरकार ने करीब डेढ़ वर्ष पूर्व राज्य में गढ़वाली और कुमाउंनी फिल्मों को बढ़ावा देने के मकसद से उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद का गठन करने के साथ ही मनोरंजन कर में छूट देने की बात कही थी। मगर, इस बाबत अभी तक जीओ जारी नहीं किया गया है।
 

trivendra singh rawat
मजेदार बात यह कि सरकार ने जिस संस्था उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद को संबंधित विषय का प्रस्ताव तैयार करने और फिल्म निर्माताओं की सुविधा और सहयोग की जिम्मेदारी दी थी, उसने भी अपनी जिम्मेदारी को नहीं निभाया। जिसके चलते प्रादेशिक फिल्मों को बढ़ावा देने का सरकार का वायदा महज घोषणा बनकर रह गया।

यह मामला तब सामने आया है जब गढ़वाली फिल्म बौड़िगी गंगा के निर्माता अनिरुद्ध गुप्ता ऋषिकेश स्थित एकमात्र सिनेमाघर में फिल्म के प्रदर्शन की बात करने पहुंचे। गुप्ता की मानें तो थियेटर संचालक ने उनसे फिल्म प्रदर्शन के लिए एडवांस में रेंट के तौर पर ढाई लाख रुपये की मांग की।

निर्माता ने फिल्म को दिसंबर माह में रिलीज करने का निर्णय लिया था। गुप्ता का कहना है कि उन्होंने फिल्म के निर्माण पर बैंक से ऋण लेकर 50 लाख रुपये से अधिक खर्च किया है और अब प्रचार-प्रसार के लिए भी काफी रकम की जरूरत है।

ऐसे में सिनेमा हॉल के संचालक द्वारा महज हफ्ते भर के लिए ढाई लाख रुपये की धनराशि की डिमांड करना उनकी क्षमता के बाहर है। ऐसे में फिल्म को डिब्बे में बंद करने के अलावा उनके पास कोई चारा नहीं बचा है।

 
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गढ़वाली फिल्म लगाने से होती है बदनामी

film - फोटो : demo pic
बौड़िगी गंगा फिल्म के निर्माता- निर्देशक अनिरुद्ध गुप्ता की मानें तो ऋषिकेश स्थित सिनेमा हॉल रामा पैलेस के संचालक ने उन्हें बताया कि गढ़वाली फिल्म लगाने से हमारे थियेटर की बदनामी होती है। गुप्ता ने बताया कि राज्य के अन्य सिनेमाघरों में भी उनसे 20 से 40 हजार रुपये रेंट और कुल कमाई का कुछ प्रतिशत शेयर मांगा गया है।

अब गढ़वाली फिल्म नहीं बनाऊंगा
ऋषिकेश। फिल्म निर्माता- निर्देशक अनिरुद्ध गुप्ता का कहना है कि उत्तराखंड में आंचलिक बोली भाषा में फिल्म का निर्माण से ज्यादा रिलीज करना महाभारत का युद्ध लड़ने जैसा है। बोले कि अगर ऋषिकेश में फिल्म रिलीज नहीं हो सकी, तो भविष्य में वह कभी गढ़वाली फिल्म का निर्माण नहीं करेंगे। बताया वह अब तक अगली गढ़वाली फिल्म बैरी माया की स्क्रिप्ट भी तैयार कर चुके हैं, लेकिन इससे अच्छा अब वह भोजपुुरी फिल्मों के निर्माण पर फोकस करेंगे।

फिल्म में स्पीकर भी आएंगे नजर
क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल भी बौड़िगी गंगा फिल्म में अभिनय करते नजर आएंगे। उनके द्वारा गढ़वाली भाषा को बढ़ावा देने के लिए एक सीन में गढ़वाली भाषा में संबोधित किया गया है।

जीओ लाया जाएगा
यह मामला संज्ञान में आया है। प्रदेश में गढ़वाली फिल्में रिलीज नहीं होंगी तो कहां होंगी। इस सत्र में आंचलिक फिल्मों के थियेटरों में प्रदर्शन के लिए जीओ लाया जाएगा। जिसके बाद कोई भी सिनेमा हॉल मालिक प्रादेशिक बोली भाषा की फिल्मों को अपने हॉल में प्रदर्शन से इनकार नहीं कर पाएंगे।
-- जयकिशन नौटियाल, उपाध्यक्ष, उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद।

हमें गढ़वाली फिल्म को सिनेमा हॉल में चलाने से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन फिल्म निर्देशक को हॉल में फिल्म लगाने के लिए ढाई लाख रुपये रेंट देना होगा। मैं अपना नुकसान नहीं करवा सकता हूं। हमारी ओर से दो शर्तें हैं पहली ढाई लाख रुपये रेंट और फिल्म को हॉल में चलाने के लिए हमें तारीख देनी होगी।
-- हिमांशु भगत, वाईस प्रेसिडेंट एस्सेल ग्रुप।
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