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Iहरित क्षेत्र के 25 प्रतिशत में लगाने होंगे फलदार एवं छायादार पौधेI
मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण की ओर से अब 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल के व्यावसायिक भवनों के नक्शे तभी पास किए जाएंगे, जबकि छह बिंदुओं आधारित नए आदेशों के अनुसार पर्यावरण संंबंधित उपायों को अमल में लाया जाएगा। एमडीडीए उपाध्यक्ष ने इस संंबंध में आदेश जारी करते हुए इसके अनुपालन के लिए अधीनस्थों को निर्देश जारी किए हैं।
दून घाटी के बढ़ते तापमान और कम होती हरियाली को फिर से हरा भरा बनाने के लिए कवायद शुरू की है। एमएमडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने 31 मई को प्राधिकरण सभागार में बिल्डरों एवं अधिकारियों के साथ बैठक की थी। बैठक में बिल्डरों को अलग-अलग जगह पर पौधरोपण करने का लक्ष्य दिया है। इनमें सड़कों के किनारे पौधरोपण मुख्य रूप से शामिल है। इसके बाद अब नक्शा पास करने के लिए उन्होंने इस आदेश को जारी किया है। जिसमें बताया गया है कि भवन निर्माण नीति के अंतर्गत निर्धारित हरित क्षेत्र का 25 प्रतिशत हिस्से में फलदार एवं छायादार पौधे लगाने होंगे।
वहीं घर के बाहर प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर ऊर्जा का अधिक से अधिक प्रयोग करना होगा। भवनों के वाह्य फसाड यानि बाहरी आवरण में टफन ग्लास के बजाय वैक्यूम ग्लास का उपयोग किया जाएगा। विशेष रूप से दक्षिण दिशा में दीवारों पर की गई पुताई में उच्च श्रेणी के वेदर कोट का इस्तेमाल करना होगा। भवनों में वर्षा जल संग्रहण अनिवार्य होगा। साथ ही भवनाें को अधिक से अधिक ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाना आवश्यक होगा। इन सभी प्रतिबंधों के साथ भवनों के नक्शे पास किए जाएंगे। भवन निर्माण के बाद इनकी जांच भी की जाएगी।