दरअसल संस्कृति विभाग के माध्यम से यात्रा में शामिल होने वाले यात्रियों को कुमाऊं मंडल पर्यटन विकास निगम के माध्यम से 25 हजार रुपये की राशि दी जाती है। अब इसे बढ़ा कर दोगुना कर दिया जाएगा।
इससे पहले विधायक सुरेंद्र सिंह जीना ने कहा कि उत्तर प्रदेश, गुजरात व अन्य प्रदेशों की ओर से कैलाश मानसरोवर यात्रा को निशुल्क किया गया है। जिस कारण इस साल गुजरात के 134, राजस्थान के 121, उत्तर प्रदेश से 117 यात्रियों ने कैलाश यात्रा की।
जबकि उत्तराखंड से मात्र 17 यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के दर्शन के लिए लोग कठिन यात्रा कर कैलाश मानसरोवर पहुंचते हैं। उत्तराखंड से ही यात्रा का पहला पड़ाव शुरू होता है, लिहाजा सरकार को लोगों की धार्मिक आस्था को देखते हुए निशुल्क यात्रा की सुविधा देनी चाहिए।