राजधानी दून के तमाम सरकारी अस्पतालों के अलावा राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात सर्जन लेप्रोस्कोपी दूरबीन विधि से मरीजों की सर्जरी कर इलाज कर सकें, इसके लिए राजकीय दून मेडिकल कालेज में डॉक्टरों, स्टाफ नर्स, पैरामेडिकल को 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए कॉलेज में अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपी सर्जरी ट्रेनिंग सेंटर भी खोला गया है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि कॉलेज कैंपस में अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपी सर्जरी ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है, जहां राज्य के सभी सर्जन के साथ पैरामेडिकल, ऑपरेशन थिएटर में काम करने वाले कर्मियों को 10 दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया कि विशेषज्ञों के साथ ही पैरामेडिकल को प्रशिक्षित किया जा सके, इसके लिए विशेष ट्रेनिंग मॉड्यूल्स बनाया गया है। बताया कि पिछले एक साल के भीतर किडनी ऑपरेशन समेत तमाम जटिल ऑपरेशन में लेप्रोस्कोपी सर्जरी की मांग तेजी से बढ़ी है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा चिकित्सा की इस विधा का बहुत अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। कहा कि लेप्रोस्कोपी सर्जरी में मरीजों संग ही विशेषज्ञों को भी सहूलियतें होती हैं। इस सर्जरी में मरीजों को चीरा लगाने की जरूरत नहीं पड़ती और एक-दो दिन के भीतर मरीज को अस्पताल से छुट्टी दी जाती है। प्राचार्य ने बताया कि राजकीय दून मेडिकल कॉलेज प्रदेश का एकलौता कॉलेज है, जहां अत्याधुनिक लेप्रोस्कोपी सर्जरी ट्रेनिंग सेंटर खोला गया है। सेंटर में दूसरे राज्यों के विशेषज्ञ डॉक्टरों और पैरामेडिकल को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।