इनमें दो आईपीएस अधिकारी 1997, एक 2004, चार 2005 और चार 2007 बैच के अधिकारियों के नाम गृह विभाग को भेजे गए। इसके बाद इन सभी की विजिलेंस क्लियरेंस बनाकर शासन ने गत 27 नवंबर को इन्हीं अधिकारियों के नाम केंद्र सरकार को भेज दिए, लेकिन इनमें 2006 बैच के सभी अधिकारियों के नाम नहीं थे। हालांकि, इस बैच की एक आईपीएस अधिकारी स्वीटी अग्रवाल केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पहले ही थीं।
पिछले दिनों उनका आईजी रैंक पर इम्पैनलमेंट हो चुका है, लेकिन बाकी अधिकारियों का राज्य से नाम क्यों नहीं भेजा गया, इस पर सवाल अब भी खड़ा है। इसी बात को लेकर तमाम चर्चाएं भी हो रही हैं। कुछ लोग इसे विभागीय राजनीति से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, सच्चाई क्या है, इस पर गृह विभाग में भी मंथन चल रहा है।
केंद्र से जो पत्र आया था, उसके हिसाब से ही नाम भेजे गए थे। इम्पैनलमेंट केंद्र का ही विषय होता है। इसमें केवल राज्य की ओर से क्लियरेंस भेजी जाती है। मगर, इन अधिकारियों का नाम किस वजह से नहीं है, इस बात को दिखवाया जा रहा है।
- शैलेश बगौली, सचिव गृह