सरबती गेहूं की खासियत
सरबती गेहूं की पैदावार केवल मध्य प्रदेश के सीहोर और विदिशा जिले में ही होती है। इसके दाने थोड़े बड़े और सुनहरी चमक लिए होते हैं। अकेले सीहोर में ही सरबती गेहूं की खेती करीब 40000 हेक्टेयर में की जाती है।
सीआरसी में किए गए परीक्षणों में सरबती के पौधों की औसत लंबाई 132 सेमी., बालियों की औसत लंबाई 10.5 सेमी., प्रतिबाली दानों की संख्या 44-46 और 1000 दानों का भार लगभग 44 ग्राम पाया गया।
इस वर्ष गेहूं की सी-306 सरबती प्रजाति का बीज बुवाई के सामान्य समय से लगभग एक महीने देरी से बोया गया था। इसके अलावा मार्च में ही तापमान में एकाएक वृद्धि के चलते भी उपज में थोड़ी कमी दर्ज की गई। जैसे-जैसे उत्तर भारत में सरबती गेहूं की खेती होगी, यहां के वातावरण में इसकी अनुकूलनशीलता बढ़ने के साथ उपज में भी वृद्धि होने की संभावना है। इससे यहां भी 12 से 15 क्विंटल प्रति एकड़ उपज प्राप्त की जा सकेगी।
- डॉ. एसके वर्मा, कृषि वैज्ञानिक एवं संयुक्त निदेशक-सीआरसी।
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