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देवभूमि में पहला डिजिटल गांव बनकर तैयार

Sun, 14 Jun 2015 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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धर्मनगरी डिजिटल नगरी बनने की ओर अग्रसर है। मोदी सरकार की डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत हरिद्वार के बहादराबाद ब्लॉक का गांव पंजनहेड़ी ब्राडबैंड कनेक्टिविटी से पूरी तरह जुड़ गया है।
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ब्राडबैंड कनेक्टिविटी से जुड़ने वाला यह उत्तर भारत का पहला गांव बन गया है। नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) के तहत प्रदेश के 28 ब्लॉकों की ग्राम पंचायतों को पहले चरण में जोड़ा जा रहा है, जिसकी शुरुआत पंजनहेड़ी से हुई है। मुख्य सचिव एन रविशंकर ने शुक्रवार को पंजनहेड़ी का निरीक्षण किया।

योजना से जुड़ रही ग्राम पंचायत को ब्राडबैंड की 100 एमबीपीएस मेगाबाइट प्रति सेकेंड स्पीड देने का लक्ष्य है। इसके सहयोग से अर्द्धकुंभ के दौरान भीड़ नियंत्रण प्रशासनिक प्रबंधन व सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान किया जा सकेगा। अर्द्धकुंभ में भीड़ नियंत्रण के लिए अच्छा परिणाम देने वाले वेब कैमरे की मदद भी ली जा सकती है।
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मुख्य सचिव ने कहा कि ई-कॉमर्स, ई-एजूकेशन, ई-प्रशासन जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इसका उपयोग किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने इस योजना में सहायक बीएसएनएल के दिल्ली कार्यालय में बैठे जीएम व लखनऊ कार्यालय में बैठे बीबीएनएल के जीएम से योजना की जानकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से ली। इस अवसर पर सचिव सूचना प्रौद्योगिकी दीपक कुमार, सचिव गृह विनोद शर्मा के अलावा बीएसएनएल के अधिकारी मौजूद रहे।
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अर्द्धकुंभ से पहले वाईफाई से जुड़ेंगे हरिद्वार के घाट

प्रदेश सरकार हरिद्वार के सभी बड़े घाटों को वाईफाई जोन में तब्दील करेगी। अर्द्धकुंभ की तैयारियों के तहत घाटों को वाईफाई से कनेक्ट किया जा रहा है।

प्रदेश में वाईफाई जोन विकसित करने की मुहिम के तहत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग अर्द्धकुंभ मेला क्षेत्र से इसकी शुरुआत कर रहा है। अर्द्धकुंभ से पहले हरिद्वार के सभी घाटों में वाईफाई एक्सेस प्वाइंट स्थापित कर दिए जाएंगे। इसके लिए विभाग ने डीपीआर तैयार कर ली है।

बिछाए जाएंगे ऑप्टिकल फाइबर
घाटों तक वाईफाई के लिए आप्टिकल फाइबर बिछाए जाएंगे। मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को मोबाइल फोन पंजीकृत करवाने के बाद इंटरनेट से जुड़ने की सुविधा मिलेगी। सूचना प्रौद्योगिकी सचिव दीपक कुमार गैरोला ने बताया कि अर्द्धकुंभ मेले की तैयारियों के तहत वाईफाई जोन मेला क्षेत्र से शुरू किया जाएगा। यह स्थायी जोन होंगे जो मेले के बाद भी सेवाएं देंगे।

तीन शहरों के माल रोड होंगे वाईफाई
पर्यटक क्षेत्र मसूरी, रानीखेत और नैनीताल में वाईफाई प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। तीनों शहरों के माल रोड को विभाग वाईफाई जोन के तौर पर विकसित करेगा। इसके अलावा अगले चरण में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय क्षेत्र को वाईफाई जोन में परिवर्तित किया जाना है।

19 ब्लॉकों में ब्राडबैंड कनेक्टिविटी का काम शुरू

पंजनहेड़ी के ब्राडबैंड से जुड़ने के बाद अब प्रदेश के अन्य ब्लॉकों को जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (एनओएफएन) के तहत अब गांवों को ब्लॉक मुख्यालय से नहीं बल्कि सीधे जिला मुख्यालय से आप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से जोड़ा जा रहा है। उत्तराखंड के 95 ब्लॉकों में से 28 को इस योजना में शामिल किया है, जिसमें 19 पर कार्य शुरू हो गया है।

प्रदेश के लगभग 1700 गांव इसका हिस्सा हैं। सीमांत जनपदों में आप्टिकल फाइबर के अलावा सेटेलाइट या रेडियो (माइक्रोवेव) की दोहरी कनेक्टिविटी देने पर केंद्र ने सहमति दी है।

पंचायत भवन से सौ मीटर तक वाईफाई
डिजिटल इंडिया से जुड़ने वाली ग्राम पंचायतों के सौ मीटर के दायरे में वाईफाई जोन बनेगा। यह पेंशन, राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर की नकल इत्यादि ई-डिस्ट्रिक्ट योजना के क्रियान्वयन में सहायक होगा। इसके साथ बैंकिंग सुविधा, ग्रामीण इंटरनेट के माध्यम से छात्र रिजल्ट, सीसीटीवी मानीटरिंग व्यवस्था के तहत इसे मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेंसिंग से जोड़ा जाएगा। यह व्यवस्था सोलर पद्धति पर आधारित है।
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अब भी राह में खड़ी हैं कई बाधाएं

ई गवर्नेंस से एम (मोबाइल) गवर्नेंस की दिशा में बढ़ने में कई बधाएं भी हैं। केंद्र के ई गवर्नेंस प्रोग्राम में फंडिंग बंद करने का असर आईटी योजनाओं पर पड़ेगा। वर्ष 2006-07 में शुरू हुई योजनाओं पर प्रदेश सरकार के अधिकारी आठ बरस तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे।

केंद्र ने प्रदेश के ई गवर्नेंस में 100 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को अस्वीकृत कर दिया है, जिससे स्टेट एरिया वाइड नेटवर्क (स्वान), स्टेट डाटा सेंटर और हाल में शुरू हुई ई डिस्ट्रक्ट योजनाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी।

यह पडे़गा असर
- स्वान योजना के तहत विभागों की कनेक्टिविटी के लिए 28 करोड़ नहीं मिलेगा।
- आईटी डाटा के लिए स्टेट डाटा सेंटर को तुरंत 12 करोड़ रुपये नहीं मिलेंगे।
- ई डिस्ट्रक्ट योजना के लिए अवशेष 24 करोड़ केंद्र से नहीं मिलेंगे।
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