लगातार बारिश से बुधवार को उत्तराखंड की बिजली आपूर्ति व्यवस्था गड़बड़ा गई। सिल्ट आने से परियोजनाओं में उत्पादन बंद होने के बाद पूरे प्रदेश में दो से आठ घंटे तक आकस्मिक कटौती की गई। इससे दैनिक कार्यों, सरकारी कार्यालयों, बैंकों, अस्पतालों के कामकाज और उद्योगों पर असर पड़ा।
उत्पादन बंद हो गया था
बुधवार सुबह छह बजे छिबरो, खोदरी और धरासू जलविद्युत परियोजनाओं में सिल्ट आने के बाद उत्पादन बंद हो गया था। मनेरी भाली फेज-1, पथरी और कालागढ़ जलविद्युत परियोजनाएं पहले से ही बंद हैं। बुधवार को कुल छह परियोजनाएं बंद हो गईं। पिटकुल और ऊर्जा निगम को आकस्मिक बिजली कटौती करनी पड़ी।
देहरादून में दोपहर तीन से शाम पांच बजे तक पूरे शहर में कटौती की गई। ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, कोटद्वार जैसे शहरों में छह घंटे आपूर्ति ठप रही। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आठ घंटे से अधिक बिजली गुल रही। इन दिनों प्रदेश में बिजली की मांग 34.59 मिलियन यूनिट के आसपास है, जबकि उपलब्धता 31.84 मिलियन यूनिट ही है। यह तब है, जबकि रोजाना एक से डेढ़ करोड़ रुपये की बिजली ऊर्जा निगम खरीद रहा है।
राजा रोड पर इंसुलेटर, प्रिंस चौक पर ट्रांसफार्मर खराब
प्रिंस चौक और आसपास के क्षेत्र के लोगों को घंटों पसीने बहाने पड़े। तीन बजे से शाम पांच बजे तक आकस्मिक बिजली कटौती करनी पड़ी। पांच बजे के बाद जब बिजली आपूर्ति सुचारु की जा रही थी, उसी समय ट्रांसफार्मर में तकनीकी खराब आ गई, जिसके बाद से लेकर रात साढ़े आठ बजे तक बिजली गुल रही। राजा रोड पर साढ़े सात बजे अचानक इंसुलेटर पंचर हो गया। इससे गांधी रोड, राजा रोड सहित अन्य क्षेत्रों में आपूर्ति प्रभावित रही।