उत्तराखंड सरकार के काबिना मंत्रियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं। क्लेमेंटटाउन थाना पुलिस को खेल मंत्री दिनेश अग्रवाल काफी तलाश के बाद भी नहीं मिले।
कोर्ट की ओर से जारी समन तामील न करा पाने के बाद पुलिस ने जमा कराई रिपोर्ट में कहा कि उनके क्षेत्र में मंत्री का जो पता दिया था, उस पर वह नहीं रहते। क्लेमेंटटाउन पुलिस का कहना है कि मंत्री हरिद्वार रोड पर रहते हैं।
ऐसे में समन डालनवाला थाने को भेजा जाए। सात फरवरी 2007 को चुनाव आचार संहिता के दौरान कई विकास कार्यों के उद्घाटन के मामले में पुलिस ने तत्कालीन विधायक दिनेश अग्रवाल पर केस किया था।
कोर्ट से कई बार समन जारी हुए, लेकिन पुलिस एक की भी तामील नहीं करा सकी। कुछ समय पूर्व मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस बाबत डीजीपी और मुख्य सचिव को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया था।
इसके बाद क्लेमेंटटाउन पुलिस समन लेकर मंत्री की तलाश में निकली, लेकिन नाकाम रही। अब कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। अगली सुनवाई तीन नवंबर को होगी।
उधर, एक अन्य मामले में मंत्री अग्रवाल समेत लोक निर्माण विभाग के दो इंजीनियरों के खिलाफ समन जारी किए गए हैं। क्लेमेंटटाउन पुलिस ने कहा कि आरोपी तत्कालीन जेई हेम कुमार पंत का समन तय तारीख के बाद मिला। कोर्ट से अग्रिम तारीख मांगी गई है।
हरक और यशपाल के खिलाफ भी वारंट जारी
कृषि मंत्री हरक सिंह रावत और सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य के खिलाफ भी सीजेएम कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किए हैं। गुरुवार को उन्हें कोर्ट में पेश होना था, लेकिन दोनों नहीं पहुंचे।
नेहरू कालोनी थाना पुलिस ने 21 दिसंबर 2009 को कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत, सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य, सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक कुंवर प्रणव सिंह, सुबोध उनियाल, मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक हीरा सिंह बिष्ट, प्रीतम सिंह, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय सहित कांग्रेस के 26 नेताओं और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा, पुलिस पर पथराव और सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया था।
आरोप है कि कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव किया गया था। इसमें पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रथम अजय सिंह, तत्कालीन एसओ पटेलनगर चंद्र सिंह बिष्ट, एसओ कोतवाली कैलाश पंवार, एसआई उर्मिला सहित कई पुलिस अधिकारी और कांस्टेबल घायल हो गए थे।